दिल्ली की अदालत ने बृजभूषण के खिलाफ पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में फैसला सुरक्षित रखा

दिल्ली की अदालत ने बृजभूषण के खिलाफ पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में फैसला सुरक्षित रखा

दिल्ली की अदालत ने बृजभूषण के खिलाफ पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में फैसला सुरक्षित रखा
Modified Date: July 2, 2026 / 07:23 pm IST
Published Date: July 2, 2026 7:23 pm IST

नयी दिल्ली, दो जुलाई (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के पूर्व प्रमुख और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न मामले में अपना फैसला बृहस्पतिवार को सुरक्षित रख लिया।

अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अश्विनी पंवार ने छह महिला पहलवानों द्वारा दर्ज कराए गए मामले में अंतिम दलीलें पूरी होने के बाद फैसला सुनाने के लिए तीन अगस्त की तारीख निर्धारित की।

मई 2024 में अदालत ने सिंह के खिलाफ आपराधिक धमकी देने के आरोप तय करने का आदेश दिया था। हालांकि, छह महिला पहलवानों में से एक द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत में अदालत ने उन्हें आरोपमुक्त कर दिया था।

अदालत ने इस मामले में सह-आरोपी और डब्ल्यूएफआई के पूर्व सहायक सचिव विनोद तोमर के खिलाफ भी आरोप तय करने का आदेश दिया था। दोनों आरोपी फिलहाल जमानत पर हैं।

दिल्ली पुलिस ने 15 जून को छह बार के पूर्व सांसद सिंह के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 354 (महिला की लज्जा भंग करने के इरादे से हमला या आपराधिक बल प्रयोग), धारा 354ए (यौन उत्पीड़न), धारा 354डी (पीछा करना) और धारा 506 (आपराधिक धमकी) के तहत आरोपपत्र दाखिल किया था।

भाषा अमित पवनेश

पवनेश


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