दिल्ली: अदालत ने ‘आप’ नेता गोपाल राय और एक पत्रकार से अवमानना ​​याचिका पर जवाब मांगा

दिल्ली: अदालत ने ‘आप’ नेता गोपाल राय और एक पत्रकार से अवमानना ​​याचिका पर जवाब मांगा

दिल्ली: अदालत ने ‘आप’ नेता गोपाल राय और एक पत्रकार से अवमानना ​​याचिका पर जवाब मांगा
Modified Date: May 22, 2026 / 07:18 pm IST
Published Date: May 22, 2026 7:18 pm IST

नयी दिल्ली, 22 मई (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को आम आदमी पार्टी (आप) के नेता गोपाल राय और एक पत्रकार सौरव दास को एक याचिका पर नोटिस जारी किया।

इस याचिका में न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा के खिलाफ कथित ‘‘सुनियोजित सोशल मीडिया दुष्प्रचार अभियान’’ के संबंध में उनके खिलाफ अवमानना ​​​​की कार्यवाही शुरू करने का अनुरोध किया गया है।

न्यायमूर्ति शर्मा ने हाल ही में दिल्ली आबकारी नीति मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था।

न्यायमूर्ति नवीन चावला और न्यायमूर्ति रविंदर डुडेजा की पीठ ने वकील अशोक चैतन्य की याचिका पर राय और सौरव दास का पक्ष जानना चाहा।

याचिका में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व आप विधायक सौरभ भारद्वाज को भी पक्षकार बनाया गया है।

यह देखते हुए कि केजरीवाल और अन्य के खिलाफ पहले ही स्वतः संज्ञान लेते हुए अवमानना ​​का मामला शुरू किया जा चुका है, पीठ ने मामले की अगली सुनवाई के लिए चार अगस्त की तारीख तय की।

पीठ ने आदेश दिया, ‘‘हमने (स्वतः संज्ञान के लिए लंबित मामले में) प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया है। इसे ध्यान में रखते हुए, मामलों की संख्या बढ़ाने के बजाय, इस अवमानना ​​​​मामले को उस मामले के साथ ही लिया जाएगा। चूंकि राय और दास (स्वतः संज्ञान मामले में) अवमानना ​​​​मामले में पक्षकार नहीं हैं, इसलिए उन्हें नोटिस जारी किया जाए।’’

अदालत ने आदेश दिया कि इस याचिका की एक प्रति केजरीवाल और भारद्वाज को भेजी जाए।

याचिका में आरोप लगाया गया कि आबकारी नीति मामले में न्यायमूर्ति शर्मा को सुनवाई से हटाने की केजरीवाल की याचिका लंबित रहने के दौरान, राय और दास ने ‘‘एक मौजूदा न्यायाधीश पर दबाव डालने के दुस्साहसी प्रयास’’ के तहत सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार अभियान चलाया।

न्यायमूर्ति शर्मा ने 14 मई को आबकारी नीति मामले के संबंध में सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप में केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और आम आदमी पार्टी के अन्य नेताओं के खिलाफ आपराधिक अवमानना ​​की कार्यवाही शुरू की थी।

भाषा शफीक संतोष

संतोष


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