दिल्ली अग्निशमन सेवा छह महीने में आठ दमकल केंद्र खोलेगी

दिल्ली अग्निशमन सेवा छह महीने में आठ दमकल केंद्र खोलेगी

दिल्ली अग्निशमन सेवा छह महीने में आठ दमकल केंद्र खोलेगी
Modified Date: July 2, 2026 / 08:01 pm IST
Published Date: July 2, 2026 8:01 pm IST

नयी दिल्ली, दो जुलाई (भाषा) दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) अगले छह महीनों में राष्ट्रीय राजधानी में आठ नए दमकल केंद्र खोलेगी। इसके साथ ही, विभाग ने ड्रोन आधारित निगरानी और अग्निशमन तकनीक को शामिल करते हुए अगले 25 वर्षों के लिए आधुनिकीकरण का प्रारूप तैयार किया है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

बुनियादी ढांचे के विस्तार के अलावा, डीएफएस आपात स्थिति के समय तेज़ी से कार्रवाई करने और हालात की बेहतर जानकारी पाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), वैश्विक अवस्थिति निर्धारण प्रणाली (जीपीएस), भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) और ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीकों को अपने दमकल अभियानों में शामिल करने की तैयारी कर रही है।

मुख्य दमकल अधिकारी अभिलाष मलिक ने बताया कि विभाग ने अगले छह महीनों में रोहिणी सेक्टर-41, गीता कॉलोनी, आनंद पर्वत, यमुना विहार, द्वारका सेक्टर-3, द्वारका सेक्टर-20, आईएफसी नरेला और बुधपुर माजरा में आठ दमकल केंद्र खोलने का काम शुरू कर दिया है।

मलिक ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘शहर में अब भी कई ऐसे इलाके हैं जहां समर्पित दमकल केंद्र नहीं है। इससे मौके पर पहुंचने में देरी होती है क्योंकि दमकल गाड़ियों को घटनास्थल तक पहुंचने के लिए ज़्यादा दूरी तय करनी पड़ती है।’’

उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के लिए ज़मीन पहले ही हासिल कर ली गई है और काम जारी है।

डीएफएस अधिकारियों के अनुसार, विभाग सालाना आठ दमकल केंद्र खोलने की योजना बना रहा है। आठ नए केंद्रों पर काम पहले ही शुरू हो चुका है। विभाग अग्निशमन बुनियादी ढांचे में मौजूद बड़ी कमी को पाटते हुए दिल्ली में गृह मंत्रालय द्वारा तय किए गए 120 दमकल केंद्रों को खोलने के लक्ष्य तक पहुंचने की तैयारी में है।

अधिकारियों ने कहा कि दीर्घकालिक कार्य योजना को तत्काल, मध्यम अवधि और दीर्घकालिक चरणों में विभाजित किया गया है, जिसमें बुनियादी ढांचे, कर्मचारियों की संख्या और तकनीकी पहलुओं को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में, डीएफएस के 71 दमकल केंद्रों में 2,459 कर्मी हैं। हालांकि गृह मंत्रालय द्वारा तय किए गए मानक के तहत दिल्ली जैसे शहर के लिए लगभग 24,000 कर्मियों और 120 दमकल केंद्रों की जरूरत है।

डीएफएस ने दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के साथ नौ और स्थलों की पहचान की है जिनमें रोहिणी, सुल्तानपुरी, महिपालपुर, पीतमपुरा, सराय रोहिल्ला और रोहतक रोड पर गोल्डन पार्क शामिल है तथा उन्हें सौंपने की मांग की है।

इसके अलावा, डीडीए की क्षेत्रीय योजनाओं के तहत बुराड़ी, कराला, मुंडका औद्योगिक क्षेत्र, सोनिया विहार, करावल नगर औद्योगिक क्षेत्र, मंडोली औद्योगिक क्षेत्र, कापसहेड़ा और आया नगर सहित 14 अन्य स्थलों के लिए भूमि का अनुरोध किया गया है।

डीडीए की 48 गांवों के लिए शहरीकरण योजना के तहत, विभाग ने 28 और दमकल केंद्रों के लिए भूमि मांगी है, जिसमें निजामपुर और मुंधेला कलां पहले ही पुष्टि कर चुके हैं।

डीएफएस 12,174 अतिरिक्त कर्मियों की भर्ती करके कर्मचारियों की संख्या को मजबूत करने की अपनी योजना की समीक्षा कर रहा है। इस भर्ती का उद्देश्य मौजूदा दमकल केंद्रों के लिए कर्मियों की आवश्यकताओं को पूरा करना और यह सुनिश्चित करना है कि नए दमकल केंद्रों के साथ-साथ कर्मचारियों को भी मंजूरी दी जाए।

गृह मंत्रालय ने प्रति दमकल केंद्र में कर्मियों की संख्या 131 निर्धारित की है। डीएफएस अगले 25 वर्षों में 48,000 कर्मियों का कार्यबल बनाने की योजना बना रहा है।

अधिकारियों ने कहा कि डीएफएस एक साल के भीतर एक केंद्रीकृत कमान और नियंत्रण केंद्र स्थापित करने की योजना बना रहा है, जो एआई, जीपीएस और जीआईएस-आधारित प्रणालियों से लैस होगा। इसके अलावा इसके पांच परिचालन जोन में अलग-अलग कमान केंद्र होंगे।

अधिकारियों ने कहा कि अगले दो वर्षों के भीतर, विभाग निगरानी और अग्निशमन कार्यों के लिए ड्रोन के उपयोग का विश्लेषण शुरू कर देगा, जिसमें अगले पांच वर्षों में सीधे कमान केंद्रों को ‘लाइव वीडियो फीड’ प्रसारित करने में सक्षम ड्रोन तैनात करने की योजना है।

मलिक ने कहा, ‘‘जैसे ही सूचना प्राप्त होगी, इन ड्रोन को भेजा जाएगा, यहां तक कि अग्निशमन दल के रवाना होने से पहले ही। इससे हमें पहले से ही स्थिति का आकलन करने और योजना में सुधार करने में मदद मिलेगी।”

भाषा नोमान

नोमान नेत्रपाल

नेत्रपाल


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