दिल्ली अग्निशमन सेवा प्रौद्योगिकी और एआई की मदद से अपना कायाकल्प करेगी

दिल्ली अग्निशमन सेवा प्रौद्योगिकी और एआई की मदद से अपना कायाकल्प करेगी

दिल्ली अग्निशमन सेवा प्रौद्योगिकी और एआई की मदद से अपना कायाकल्प करेगी
Modified Date: May 5, 2026 / 04:34 pm IST
Published Date: May 5, 2026 4:34 pm IST

नयी दिल्ली, पांच मई (भाषा) दिल्ली में आग लगने की बढ़ती घटनाओं के बीच दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) इस साल प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करके अपनी सेवाओं में कायाकल्प करने जा रही है। इसके तहत एक केंद्रीकृत कमान और नियंत्रण केंद्र बनाया जाएगा, जिसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआईए), ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) और भौगोलिक सूचना प्रणाली(जीआईएस) जैसी आधुनिक प्रौद्योगिकी का उपयोग होगा।

यह विभाग कर्मचारियों की कमी और पुराने उपकरणों जैसी समस्याओं से जूझ रहा है।

राष्ट्रीय राजधानी में लगातार आग लगने की सूचनाएं आने के कारण, विभाग को कर्मचारियों की भारी कमी, पुरानी संचार प्रणालियों और बड़े पैमाने पर काम पुराने तरीके से (मैन्युअल) संचालन करना पड़ रहा है जिससे अक्सर प्रतिक्रिया देने में देरी होती है।

डीएफएस के पास वर्तमान में 71 अग्निशमन केंद्रों में 2,459 कार्यरत कर्मचारी हैं, जबकि गृह मंत्रालय की स्थायी अग्नि सलाहकार समिति के दिशानिर्देशों के अनुसार लगभग 24,000 कर्मचारियों और 120 दमकल केंद्रों की आवश्यकता बताई गई है। यह क्षमता में काफी अंतर को दर्शाता है।

घटनाओं में वृद्धि के मद्देनजर, आपातकालीन प्रतिक्रिया को सुव्यवस्थित करने और मैनुअल प्रक्रियाओं पर निर्भरता को कम करने के लिए डीएफएस इस वर्ष प्रौद्योगिकी से लैस नियंत्रण केंद्र स्थापित करने की योजना बना रहा है।

उप मुख्य अग्निशमन अधिकारी ए के मलिक ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘वर्तमान में, हमारी कई प्रणाली मैनुअल हैं, जिनमें नियंत्रण कक्ष भी शामिल है, जिससे संचालन में देरी हो सकती है और रिकॉर्ड किए गए डेटा की कमी के कारण विसंगतियों की संभावना बनी रहती है।’

उन्होंने कहा, ‘प्रस्तावित प्रणाली से मैन्युअल हस्तक्षेप कम होगा, कॉल और संसाधनों की वास्तविक समय में ट्रैकिंग संभव होगी और निकटतम वाहन को भेजने में मदद मिलेगी।’

अधिकारियों ने बताया कि समन्वय में सुधार के लिए अग्निशमन वाहनों में मोबाइल डेटा टर्मिनल (एमडीटी) लगाए जाएंगे, साथ ही डीएफएस के मुख्यालय से अभियानों की लाइव निगरानी करने के लिए वाहनों में कैमरे लगाने की भी योजना है।

संचार भी एक चिंता का विषय बना हुआ है, क्योंकि पुराने वायरलेस हैंडसेट कर्मियों को मोबाइल फोन पर अत्यधिक निर्भर रहने के लिए मजबूर करते हैं, जो आपात स्थितियों के दौरान विफल हो सकते हैं।

मलिक ने कहा, ‘हम नए वायरलेस सेट खरीद रहे हैं और संचार नेटवर्क को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त टावर लगाने की योजना बना रहे है।’

मानव संसाधन की कमी ने मौजूदा कर्मचारियों पर भी दबाव डाला है, खासकर गर्मियों के महीनों के दौरान जब आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं और परिचालन तत्परता बनाए रखने के लिए अक्सर छुट्टियों में कटौती की जाती है।

अपने बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए, डीएफएस ने अपने अग्निशमन केंद्रों के नेटवर्क का विस्तार करने के लिए कदम उठाए हैं, जिसमें दिल्ली विकास प्राधिकरण से भूमि लेना शामिल है, और उसने गृह मंत्रालय को अपनी स्वीकृत संख्या बढ़ाने के लिए एक प्रस्ताव भेजा है।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अब तक आग लगने की घटनाओं में कम से कम 42 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि सिर्फ अप्रैल में आग की 2,663 घटनाएं दर्ज की गईं।

मई में कम से कम 10 लोगों की मौत हो चुकी है। तीन मई को विवेक विहार में एक इमारत में आग लगने से दो परिवार के नौ लोगों की मौत हो गई जिनमें एक बच्चा भी शामिल है।

भाषा नोमान नोमान माधव

माधव


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