दिल्ली सरकार ने पीएम-उदय कॉलोनियों में बुनियादी ढांचा कार्यों के लिए एजेंसियों की भूमिकाएं तय कीं

दिल्ली सरकार ने पीएम-उदय कॉलोनियों में बुनियादी ढांचा कार्यों के लिए एजेंसियों की भूमिकाएं तय कीं

दिल्ली सरकार ने पीएम-उदय कॉलोनियों में बुनियादी ढांचा कार्यों के लिए एजेंसियों की भूमिकाएं तय कीं
Modified Date: July 8, 2026 / 05:44 pm IST
Published Date: July 8, 2026 5:44 pm IST

नयी दिल्ली, आठ जुलाई (भाषा) दिल्ली सरकार ने पीएम-उदय योजना के तहत नियमित की गई 1,511 अनधिकृत कॉलोनियों में बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने और उसके रखरखाव के लिए अलग-अलग शहरी स्थानीय निकायों की जिम्मेदारियां तय करते हुए विस्तृत निर्देश जारी किए हैं।

‘राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली (अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वालों को संपत्ति के अधिकार की मान्यता) नियमन, 2019’ के तहत जारी किए गए निर्देश, नियमित की गयी कॉलोनियों में दिल्ली नगर निगम (एमसीडी), नयी दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी), दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी), लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और दूसरी एजेंसियों की भूमिकायें तय करते हैं।

बुधवार को जारी एक आदेश में कहा गया, ‘‘प्रादेशिक अधिकार क्षेत्र वाला संबंधित स्थानीय निकाय पीएम-उदय के तहत नियमित की गई अनधिकृत कॉलोनियों में नागरिक बुनियादी ढांचे और नगरपालिका सेवाओं की योजना, समन्वय, कार्यान्वयन और रखरखाव के लिए नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करेगा।’’

विभागों के बीच समन्वय के लिए, सरकार ने दिल्ली के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक राज्य स्तरीय समिति का गठन किया है।

निर्देशों के अनुसार, स्थानीय निकाय कॉलोनी की सड़कों और गलियों के विकास और रखरखाव, जल निकासी प्रणालियों, स्वच्छता सेवाओं, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन बुनियादी ढांचे, स्ट्रीट लाइट और सार्वजनिक स्वास्थ्य से संबंधित नगरपालिका सेवाओं के लिए जिम्मेदार होगा।

आदेश में कहा गया, ‘‘डीजेबी को जल आपूर्ति और सीवरेज बुनियादी ढांचे के विकास और रखरखाव का काम सौंपा गया है, जबकि पीडब्ल्यूडी कनेक्टिविटी गलियारों के साथ-साथ 60 फीट और उससे ऊपर की पहचान की गई प्रमुख सड़कों के विकास और मरम्मत को संभालना जारी रखेगा।’’

आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया कि दिल्ली राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (डीएसआईआईडीसी) और सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग जैसी एजेंसियों द्वारा पहले से चलाए जा रही परियोजनाएं, मौजूदा व्यवस्था के तहत ही पूरे होने तक जारी रहेंगी।

भाषा शफीक रंजन

रंजन


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