दिल्ली सरकार बिजली की बड़े पैमाने पर कटौती की स्थिति से निपटने के लिए मसौदा एसओपी तैयार करेगी

दिल्ली सरकार बिजली की बड़े पैमाने पर कटौती की स्थिति से निपटने के लिए मसौदा एसओपी तैयार करेगी

दिल्ली सरकार बिजली की बड़े पैमाने पर कटौती की स्थिति से निपटने के लिए मसौदा एसओपी तैयार करेगी
Modified Date: January 8, 2026 / 07:40 pm IST
Published Date: January 8, 2026 7:40 pm IST

नयी दिल्ली, आठ जनवरी (भाषा) दिल्ली सरकार भविष्य में बिजली के किसी भी बड़े संकट से निपटने और आपूर्ति की त्वरित बहाली सुनिश्चित करने के मकसद से एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) पर काम कर रही है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

पिछले साल अगस्त में उत्तरी दिल्ली में हुए एक बड़े बिजली संकट के मद्देनजर यह पहल की गई है। उस समय बिजली संकट ने सिविल लाइंस, रोहिणी, शालीमार बाग और कश्मीरी गेट सहित विभिन्न क्षेत्रों में लगभग आठ लाख उपभोक्ताओं को घंटों तक प्रभावित किया था।

यह बिजली संकट 220 केवी ग्रिड से आने वाली बिजली आपूर्ति में अचानक 550 मेगावाट की गिरावट के कारण आया था।

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उत्तर प्रदेश के मंडोला में जून 2024 में एक बिजली ग्रिड सबस्टेशन में आग लगने के कारण हुए व्यवधान के चलते पूर्वोत्तर, पूर्वी, मध्य, दक्षिणी और उत्तरी दिल्ली के कई इलाकों में बिजली कटौती हुई थी।

बिजली विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि उत्तरी दिल्ली में बिजली कटौती की समीक्षा के लिए ‘दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड’ (डीटीएल), ‘स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर’ (एसएलडीसी) और दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (डीईआरसी) की बैठक में एक मानक संचालन प्रक्रिया की आवश्यकता पर सहमति बनी।

इसके अलावा, पिछले महीने दिल्ली की ‘परिचालन समन्वय समिति’ (ओसीसी) की बैठक में, एसओपी विकसित करने के लिए बिजली वितरण कंपनियों सहित सरकार की विभिन्न एजेंसियों की एक विशेषज्ञ समिति गठित करने का निर्णय लिया गया था।

अधिकारियों ने बताया कि ओसीसी की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि एसओपी में भविष्य में उत्तरी दिल्ली जैसी बिजली कटौती को रोकने, बिजली के उपकरणों की खामी को दूर कर त्वरित बहाली सुनिश्चित करने और राजधानी की बिजली प्रणाली की समग्र विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए अपनाए जाने वाले आवश्यक कदम शामिल होने चाहिए।

उन्होंने कहा कि समिति के गठन के बाद, बिजली पारेषण, वितरण और बहाली प्रक्रियाओं के तकनीकी, परिचालन और अन्य पहलुओं पर विचार करने के बाद, एक महीने के भीतर एसओपी तैयार की जाएगी।

परिचालन समन्वय समिति राष्ट्रीय राजधानी में बिजली नेटवर्क की निगरानी करती है।

भाषा यासिर सुरेश

सुरेश


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