दिल्ली सरकार का डबल डेकर फ्लाईओवर का निर्माण दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य, संशोधित लागत को दी मंजूरी

दिल्ली सरकार का डबल डेकर फ्लाईओवर का निर्माण दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य, संशोधित लागत को दी मंजूरी

दिल्ली सरकार का डबल डेकर फ्लाईओवर का निर्माण दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य, संशोधित लागत को दी मंजूरी
Modified Date: July 22, 2026 / 08:55 pm IST
Published Date: July 22, 2026 8:55 pm IST

नयी दिल्ली, 22 जुलाई (भाषा) दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को कहा कि सरकार का लक्ष्य उत्तर पूर्वी दिल्ली में बन रहे राष्ट्रीय राजधानी के पहले डबल-डेकर फ्लाइओवर का निर्माण इस साल दिसंबर तक पूरा करने का है जिसके लिए इस परियोजना की संशोधित लागत को मंजूरी दे दी गई है।

मुख्यमंत्री कार्यलाय (सीएमओ) ने एक बयान में कहा कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली के करावल नगर, घोंडा और बृजपुरी जंक्शन (मंगल पांडे मार्ग) पर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) द्वारा संयुक्त रूप से इस फ्लाईओवर का निर्माण किया जा रहा है। यह दिल्ली की पहली इंटीग्रेटेड डबल-डेकर संरचना है, जिसमें फ्लाईओवर और मेट्रो दोनों एकीकृत रूप से विकसित किए जा रहे हैं।

यह 1.40 किलोमीटर लंबी परियोजना यमुना विहार और भजनपुरा मेट्रो स्टेशन के बीच बनाई जा रही है।

बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बुधवार को हुई व्यय वित्त समिति (ईएफसी) की बैठक में परियोजना की संशोधित अनुमानित लागत 291 करोड़ रुपये को स्वीकृति दी गई। इसमें कहा गया है कि सरकार का लक्ष्य इस परियोजना को दिसंबर 2026 तक पूरा करने का है।

बयान में कहा गया है कि परियोजना की मूल स्वीकृत लागत 220.10 करोड़ रुपये थी।

गुप्ता ने बताया कि 22 जुलाई 2026 तक परियोजना का 88 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और अब तक 220.10 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।

उन्होंने बताया कि 2023 में कुछ कार्यों की अनुमति न मिलने के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हुआ था, लेकिन अब आवश्यक अनुमति मिल चुकी है और डीएमआरसी ने फ्लाईओवर के शेष हिस्से तथा रैंप के निर्माण कार्य को फिर से तेज़ कर दिया है।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, अब तक फ्लाईओवर के 80 डेक स्लैब में से 74 तैयार हो चुके हैं और केवल छह का काम बाकी है।

गुप्ता ने कहा कि यमुना विहार और भजनपुरा का इलाका वर्तमान में अत्यधिक यातायात दबाव वाला क्षेत्र है और फ्लाईओवर बनने के बाद करीब 65 से 70 प्रतिशत यातायात सीधे इस डबल-डेकर फ्लाईओवर से गुजरेगा, जिससे नीचे की सड़क पर केवल स्थानीय यातायात रहेगा और क्षेत्र में जाम की समस्या में उल्लेखनीय कमी आएगी।

उन्होंने कहा कि इसके अलावा गोकुलपुरी से खजूरी खास होते हुए सिग्नेचर ब्रिज तक लोगों को सिग्नल-फ्री आवागमन की सुविधा भी मिलेगी।

भाषा नोमान नोमान देवेंद्र

देवेंद्र


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