दिल्ली सरकार ईडब्ल्यूएस छात्रों को स्कूल वर्दी खरीदने के लिए नकद राशि दे सकती है: उच्च न्यायालय

दिल्ली सरकार ईडब्ल्यूएस छात्रों को स्कूल वर्दी खरीदने के लिए नकद राशि दे सकती है: उच्च न्यायालय

दिल्ली सरकार ईडब्ल्यूएस छात्रों को स्कूल वर्दी खरीदने के लिए नकद राशि दे सकती है: उच्च न्यायालय
Modified Date: January 23, 2026 / 09:50 pm IST
Published Date: January 23, 2026 9:50 pm IST

नयी दिल्ली, 23 जनवरी (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने निजी स्कूलों के आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित समूह के अंतर्गत आने वाले छात्रों को वर्दी खरीदने के लिए नकद राशि उपलब्ध कराने के सरकार के फैसले को शुक्रवार को बरकरार रखा।

अदालत ने अधिकारियों को वर्दी उपलब्ध कराने के अपने पूर्व निर्देश में संशोधन करते हुए फैसला सुनाया कि सरकार द्वारा ‘प्रत्यक्ष लाभ अंतरण’ के माध्यम से सब्सिडी देने का निर्णय शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के आदेश के विपरीत नहीं है।

न्यायालय ने कहा कि इस तरीके से सुनिश्चित होगा कि छात्रों को समय पर वर्दी मिल सके।

मुख्य न्यायाधीश डी. के. उपाध्याय और न्यायमूर्ति सुब्रमणियम प्रसाद की पीठ ने दिल्ली सरकार को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि छात्रों को पर्याप्त राशि ‘समय पर और जल्द से जल्द’ उपलब्ध कराई जाए।

पीठ ने कहा, ‘निस्संदेह, प्रत्येक छात्र का माप लेना, जीईएम पोर्टल पर विभिन्न प्रकार के कपड़े के लिए ऑर्डर देना, सामग्री की खरीद के बाद माप के अनुसार वर्दी सिलवाना और अंत में नए सत्र के प्रारंभ से पहले स्कूलों में वर्दी वितरित करना, यह सब एक साथ करना असंभव होगा।’

पीठ ने कहा, “छात्रों को पैसे उपलब्ध कराने के सरकार के निर्णय से यह सुनिश्चित होगा कि समय पर छात्रों को वर्दी मिल जाए। सरकार का यह निर्णय आरटीई अधिनियम और 2011 के नियमों के विपरीत नहीं कहा जा सकता। वर्ष 2011 के नियमों के तहत वर्दी उपलब्ध कराना अनिवार्य है लेकिन नियमों में यह नहीं लिखा है कि सरकार को केवल वस्तु के रूप में ही वर्दी उपलब्ध करानी होगी।”

अदालत ने दिल्ली सरकार द्वारा दायर एक पुनर्विचार याचिका पर यह आदेश पारित किया, जिसमें 13 अप्रैल 2023 को जारी निर्देश में संशोधन की मांग की गई थी। पिछला आदेश गैर सरकारी संगठन ‘जस्टिस फॉर ऑल’ की याचिका पर आया था, जिसमें सहायता प्राप्त और गैर-सहायता प्राप्त निजी स्कूलों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए मुफ्त किताबें, वर्दी और अन्य अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की गई थी।

भाषा राखी अविनाश

अविनाश


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