दिल्ली सरकार सिग्नेचर ब्रिज पर चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए सशस्त्र गार्ड तैनात करेगी

दिल्ली सरकार सिग्नेचर ब्रिज पर चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए सशस्त्र गार्ड तैनात करेगी

दिल्ली सरकार सिग्नेचर ब्रिज पर चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए सशस्त्र गार्ड तैनात करेगी
Modified Date: January 1, 2026 / 08:10 pm IST
Published Date: January 1, 2026 8:10 pm IST

(सिद्धांत मिश्रा)

नयी दिल्ली, एक जनवरी (भाषा) लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने उत्तर पूर्वी दिल्ली के सिग्नेचर ब्रिज पर चोरी और पुल के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाने से रोकने के लिए सशस्त्र सुरक्षा गार्ड तैनात करने की योजना बनाई है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

उनके अनुसार, एक बंदूकधारी गार्ड को मुख्य रूप से रात के समय तैनात किया जाएगा, क्योंकि इस दौरान चोरी की घटनाएं बढ़ जाती हैं।

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पीडब्ल्यूडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘पुल पर चोरी सहित कई घटनाएं हो रही हैं। कई बार चोरों ने हमारे गार्डों पर चाकू से हमला भी किया। इसलिए, सुरक्षा के लिहाज से हम रात में एक बंदूकधारी गार्ड तैनात करने की योजना बना रहे हैं।’

अधिकारी ने कहा कि दिन के समय बिना बंदूक के दो गार्ड तैनात किए जाएंगे।

दिल्ली का यह पहला ‘एसिमेट्रिकल’ (असममित) पुल 2018 में जनता के लिए खोला गया था। पर्यटन विभाग द्वारा 1,500 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित यह पुल आत्महत्या की घटनाओं के लिए चर्चा में रहा है, जिनमें हालिया मामला पिछले साल जुलाई में दिल्ली विश्वविद्यालय के एक छात्र द्वारा की गई आत्महत्या का है।

पर्यटन विभाग द्वारा धन की कमी का हवाला दिया गया था जिसके बाद उसके अनुरोध पर इस पुल के रखरखाव का काम पीडब्ल्यूडी कर है।

पीडब्ल्यूडी ने आठ घंटे की शिफ्ट में सुरक्षा गार्डों को तैनात करने के लिए वार्षिक रखरखाव मद के तहत 1.5 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया है। इन गार्डों की उम्र 55 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए और उन्हें अंग्रेजी तथा हिंदी बोलना आना चाहिए।

यह पुल बाहरी रिंग रोड को वजीराबाद, करावल नगर और भजनपुरा से जोड़ता है।

भाषा

नोमान पवनेश

पवनेश


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