दिल्ली सरकार प्रायोगिक आधार पर 100 स्कूलों में चिकित्सा कक्ष स्थापित करेगी

दिल्ली सरकार प्रायोगिक आधार पर 100 स्कूलों में चिकित्सा कक्ष स्थापित करेगी

दिल्ली सरकार प्रायोगिक आधार पर 100 स्कूलों में चिकित्सा कक्ष स्थापित करेगी
Modified Date: August 31, 2026 / 09:29 pm IST
Published Date: August 31, 2026 9:29 pm IST

नयी दिल्ली, 31 अगस्त (भाषा मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को कहा कि दिल्ली सरकार छात्रों को तत्काल प्राथमिक चिकित्सा, बुनियादी स्वास्थ्य सहायता और परामर्श प्रदान करने के लिए प्रायोगिक आधार पर 100 सरकारी स्कूलों में समर्पित चिकित्सा कक्ष स्थापित करेगी।

मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने एक बयान में बताया कि प्रायोगिक परियोजना के परिणाम और मूल्यांकन के आधार पर इस पहल का बाद में चरणों में 1,086 सरकारी स्कूलों तक विस्तार किया जाएगा।

प्रायोगिक परियोजना को लागू करने के लिए इस साल के बजट अनुमान में पांच करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।

बयान में में कहा गया है कि विस्तार के लिए आवश्यक अतिरिक्त धनराशि प्रायोगिक परियोनजा के मूल्यांकन और परिणामों के आधार पर आने वाले वर्षों में प्रदान की जाएगी।

इसमें कहा गया है कि चिकित्सा कक्ष आवश्यकता पड़ने पर छात्रों को प्राथमिक चिकित्सा, बुनियादी स्वास्थ्य सहायता, आयु-उपयुक्त स्वास्थ्य मार्गदर्शन और परामर्श प्रदान करेंगे।

ये सुविधाएं छात्राओं को मासिक धर्म की परेशानी के दौरान एक सुरक्षित और निजी स्थान भी प्रदान करेंगी।

गुप्ता ने कहा, ‘हमारा उद्देश्य छात्रों को जरूरत पड़ने पर तत्काल प्राथमिक चिकित्सा, बुनियादी स्वास्थ्य सहायता और परामर्श प्रदान करना है।’

चिकित्सा कक्षों में प्राथमिक स्वास्थ्य सहायता प्रदान करने के लिए अनुमोदित आउटसोर्सिंग व्यवस्था के माध्यम से प्रशिक्षित स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को तैनात किया जाएगा।

बयान के अनुसार, वे परामर्श, स्वास्थ्य-जागरूकता गतिविधियों और प्रासंगिक रिकॉर्ड के रखरखाव में भी सहायता करेंगे।

इसमें कहा गया है कि सरकार इस पहल के लिए मौजूदा स्कूल बुनियादी ढांचे का उपयोग करने की योजना बना रही है, जिसे कम लागत वाली व्यवस्था के रूप में डिजाइन किया गया है।

भाषा नोमान

नोमान माधव

माधव


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