दिल्ली : गलत दिशा में वाहन चलाने पर 17 दिनों में करीब 150 प्राथमिकी दर्ज की गई

दिल्ली : गलत दिशा में वाहन चलाने पर 17 दिनों में करीब 150 प्राथमिकी दर्ज की गई

दिल्ली : गलत दिशा में वाहन चलाने पर 17 दिनों में करीब 150 प्राथमिकी दर्ज की गई
Modified Date: January 21, 2026 / 06:08 pm IST
Published Date: January 21, 2026 6:08 pm IST

(सौम्या शुक्ला)

नयी दिल्ली, 21 जनवरी (भाषा) दिल्ली पुलिस द्वारा गलत दिशा में वाहन चलाने वाले चालकों के खिलाफ आपराधिक प्रावधान लागू करने के 17 दिनों में 150 से अधिक प्राथमिकी दर्ज की गईं। आधिकारिक आंकड़ों में यह खुलासा हुआ है।

आंकड़ों के अनुसार, दक्षिण, दक्षिण-पश्चिम और नई दिल्ली जिले ऐसे उल्लंघनों के प्रमुख केंद्र बनकर सामने आए हैं।

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तीन जनवरी से 19 जनवरी के बीच दर्ज की गई प्राथमिकियों के एकीकृत आंकड़ों के मुताबिक, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 281 (तेज गति से वाहन चलाना) तथा मोटर वाहन अधिनियम के संबंधित प्रावधानों के साथ 154 मामले दर्ज किए गए हैं।

‘पीटीआई-भाषा’ को प्राप्त पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, अलग-अलग क्षेत्रों की बात करें तो दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के वसंत कुंज में सबसे अधिक मामले दर्ज किए गए। वसंत कुंज दक्षिण और वसंत कुंज उत्तर पुलिस थानों में कुल 10 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।

नई दिल्ली के तिलक मार्ग पर ही पांच प्राथमिकी दर्ज की गईं, जो भारी यातायात और पैदल यात्रियों की अधिक आवाजाही वाले प्रमुख गलियारों में नियमों के उल्लंघन को दर्शता है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह प्रवृत्ति दर्शाती है कि गलत दिशा में गाड़ी चलाना एक सार्वभौमिक समस्या है, जो लगभग सभी चालकों की समस्या है और शहर के हर हिस्से में होती है।

यातायात पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘भीड़भाड़ वाले बाज़ार क्षेत्रों, आवासीय कॉलोनियों के साथ-साथ मुख्य सड़कों से भी मामले सामने आ रहे हैं। दक्षिण, दक्षिण-पश्चिम और नई दिल्ली जिलों में यह समस्या विशेष रूप से गंभीर है।’’

आंकड़ों के विश्लेषण करने पर खुलासा हुआ है कि इन अपराधों में विभिन्न प्रकार के वाहन संलिप्त थे। सबसे अधिक प्राथमिकी निजी कार के मालिकों के खिलाफ दर्ज की गई, इसके बाद ऑटो रिक्शा और हल्के मोटर वाहन का स्थान है।

पहले, गलत दिशा में वाहन चलाने पर केवल जुर्माना लगता था। पहली बार उल्लंघन करने पर 5,000 रुपये और बार-बार उल्लंघन करने पर 10,000 रुपये का जुर्माना, साथ ही लाइसेंस निलंबित होने की आशंका होती थी। हालांकि, पुलिस का कहना है कि केवल जुर्माने का असर सीमित था।

पिछले साल दिल्ली में 3.05 लाख से अधिक चालान काटे गए, जबकि 2024 में यह संख्या 2.4 लाख से अधिक थी।

अधिकारी ने कहा, ‘‘कई घातक दुर्घटनाएं और गंभीर हादसे सीधे तौर पर गलत दिशा में वाहन चलाने से जुड़े होते हैं। इसीलिए हमने इस साल ऐसे मामलों में, जहां उल्लंघन से जान को खतरा हो, दुर्घटना हो सकती हो या भारी जाम लग सकता हो, आपारधिक धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज करने का फैसला किया।’’

पुलिस ने कहा कि मामले में लगाई जाने वाली सभी धाराएं जमानती हैं, परंतु गिरफ्तारी मौके पर ही की जा सकती है। कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आरोपियों को रिहा कर दिया जाता है।

भाषा धीरज सुरेश

सुरेश


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