दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनी में फर्जी ब्रांडेड कपड़े बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया; एक गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनी में फर्जी ब्रांडेड कपड़े बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया; एक गिरफ्तार
नयी दिल्ली, पांच मई (भाषा) दिल्ली पुलिस ने वसंत कुंज में फर्जी ब्रांडेड कपड़ें और अन्य सामान बेचने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस बाबत एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है और बड़ी मात्रा में फर्जी उत्पाद जब्त किए गए हैं।
एक अधिकारी ने बताया कि आरोपी ने एक होटल में बड़े स्तर पर कथित तौर पर ‘डिस्काउंट सेल’ प्रदर्शनी का आयोजन किया, जिसमें महंगे ब्रांडों की नकली वस्तुओं को असली को बताया गया और ग्राहकों को भारी छूट का लालच देकर आकर्षित किया।
यह कार्रवाई ब्रांड प्रोटेक्टर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की शिकायत के बाद की गई, जिसके प्रतिनिधियों ने घटनास्थल पर फर्जी ब्रांडेड सामानों की बिक्री की ओर ध्यान दिलाया था।
पुलिस ने एक बयान में कहा, ‘वसंत कुंज के एक होटल में तीन मई को की गई छापेमारी के दौरान, पुलिस को पीटर इंग्लैंड, एलन सोली, मुफ्ती, वैन ह्यूसेन, जैक एंड जोन्स, कैल्विन क्लेन, ज़ारा, गैंट, यूएस पोलो और ऑरेलिया जैसे प्रतिष्ठित ब्रांडों के वस्त्र और सामान की सुव्यवस्थित प्रदर्शनी मिली।’
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि ग्राहक समझ रहे थे कि वे रियायती दरों पर असली ब्रांडेड उत्पाद खरीद रहे हैं। बिल जारी किए गए और स्वाइप मशीन और क्यूआर कोड जैसे डिजिटल भुगतान विधियों का उपयोग करके इस प्रक्रिया को वैध दिखाने का प्रयास किया गया।
प्रदर्शनी का प्रबंधन कर रहे हरियाणा के नूहं निवासी इकबाल (51) को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ के दौरान उसने खुलासा किया कि वह कथित मास्टरमाइंड फारुख अहमद के निर्देशों पर काम कर रहा था, जो फिलहाल फरार है।
जांचकर्ताओं के अनुसार, यह गिरोह होटलों और सम्मेलन केंद्रों में अस्थायी प्रदर्शनियां लगाकर, उच्च गुणवत्ता वाले फर्जी या ‘फर्स्ट-कॉपी’ उत्पादों को असली ब्रांडेड उत्पाद बताकर बेचता था।
अधिकारी ने बताया कि छापेमारी के दौरान बड़ी संख्या में फर्जी उत्पाद जब्त किए गए हैं।
पुलिस ने 2.87 लाख रुपये नकद, स्वाइप मशीन, क्यूआर कोड भुगतान उपकरण, बिल बुक और बिक्री में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री भी जब्त की।
अपराध शाखा थाने में बीएनएस और कॉपीराइट अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि इस गिरोह के अन्य सदस्यों का पता लगाने के प्रयास जारी हैं।
भाषा नोमान
नोमान माधव
माधव

Facebook


