दिल्ली चुनाव : ओखला के विधायक अमानतुल्लाह खान ने ‘आप’ की हार के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया

दिल्ली चुनाव : ओखला के विधायक अमानतुल्लाह खान ने ‘आप’ की हार के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया

दिल्ली चुनाव : ओखला के विधायक अमानतुल्लाह खान ने ‘आप’ की हार के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया
Modified Date: February 9, 2025 / 08:50 pm IST
Published Date: February 9, 2025 8:50 pm IST

नयी दिल्ली, नौ फरवरी (भाषा) दिल्ली की ओखला सीट से आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक अमानतुल्लाह खान ने रविवार को विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया।

कांग्रेस ने खान के आरोप को खारिज किया है।

आप ने 2020 में 62 और 2015 में 67 विधानसभा सीटें जीती थीं, लेकिन इस चुनाव में उसकी संख्या घटकर 22 रह गई, क्योंकि भाजपा ने 70 सदस्यीय सदन में 48 सीटों के साथ शानदार जीत दर्ज की। कांग्रेस एक भी सीट नहीं जीत सकी।

खान ने कांग्रेस पर अपनी चुनावी सफलता के बजाय आप की हार को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया। खान ने कहा, ‘‘कांग्रेस ने चुनाव जीतने के लिए नहीं, बल्कि हमारी हार सुनिश्चित करने के लिए लड़ा। कांग्रेस नेता राहुल गांधी पहली बार मेरे निर्वाचन क्षेत्र में प्रचार करने आए थे। उन्हें पता था कि उनके पास जीतने का कोई मौका नहीं है, लेकिन वे हमें हराने के लिए दृढ़ थे।’’

आप और कांग्रेस विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के घटक हैं और पिछले साल दिल्ली में गठबंधन करके लोकसभा चुनाव लड़े थे।

खान ने कहा कि गठबंधन के सहयोगियों को प्रत्येक राज्य में सबसे मजबूत पार्टी का समर्थन करना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘हम दिल्ली में मजबूत थे, कांग्रेस नहीं। लेकिन इसके कदमों ने भाजपा को सत्ता में आने में मदद की। कांग्रेस के पास खोने के लिए कुछ नहीं था, लेकिन इसकी रणनीति ने धर्मनिरपेक्ष मतदाताओं को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया।’’

शनिवार को आए नतीजों में आप को 43.57 प्रतिशत जबकि भाजपा को 45.56 प्रतिशत वोट मिले। कांग्रेस का वोट शेयर 6.34 प्रतिशत रहा।

खान के दावों पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नरेंद्र नाथ ने कहा कि उनकी पार्टी ने जीतने के लिए चुनाव लड़ा था।

दिल्ली के पूर्व मंत्री नाथ ने कहा, ‘‘हमारा वोट शेयर बढ़ा है। हमने जीतने के इरादे से चुनाव लड़ा था, किसी को हराने के लिए नहीं। यह अलग बात है कि हमारे वोटों की संख्या 14 सीटों पर आप की हार के अंतर से अधिक थी।’’

भाषा

शफीक नरेश

नरेश


लेखक के बारे में