न्यायालय ने दिल्ली दंगे के दो आरोपियों को अंतरिम जमानत दी, मामला वृहद पीठ को भेजा

न्यायालय ने दिल्ली दंगे के दो आरोपियों को अंतरिम जमानत दी, मामला वृहद पीठ को भेजा

न्यायालय ने दिल्ली दंगे के दो आरोपियों को अंतरिम जमानत दी, मामला वृहद पीठ को भेजा
Modified Date: May 22, 2026 / 04:28 pm IST
Published Date: May 22, 2026 4:28 pm IST

नयी दिल्ली, 22 मई (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली दंगों के दो आरोपियों को शुक्रवार को छह महीने की अंतरिम जमानत दे दी। साथ ही इस कानूनी सवाल को वृहद पीठ को भेज दिया कि क्या लंबे समय तक कारावास और मुकदमे में देरी जमानत पर लागू वैधानिक पाबंदियों को निष्प्रभावी कर सकती है।

न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति पी बी वराले की पीठ ने न्यायमूर्ति बी वी नागरत्ना की अध्यक्षता वाली पीठ द्वारा दिए गए हालिया फैसले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, जिसमें उसने कार्यकर्ताओं उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से इनकार करने के पांच जनवरी के फैसले की आलोचना की थी।

दिल्ली पुलिस ने इस कानूनी प्रश्न को वृहद् पीठ के समक्ष भेजने का अनुरोध करते हुए पूछा कि क्या लंबे समय तक कारावास और मुकदमे में देरी, गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 (यूएपीए) जैसे आतंकवाद विरोधी कानूनों के तहत जमानत पर वैधानिक प्रतिबंधों को रद्द कर सकती हैं।

पीठ ने दिल्ली दंगों के मामले में खालिद और इमाम को जमानत देने से इनकार को यह कहते हुए उचित ठहराया कि यह आरोपी-आधारित आकलन, उसे सौंपी गई भूमिका पर आधारित है, न कि इस आधार पर कि अनुच्छेद 21 को गौण माना गया था।

पीठ ने दिल्ली दंगों के दो आरोपियों अब्दुल खालिद सैफी और तस्लीम अहमद को सशर्त छह महीने की अंतरिम जमानत दे दी।

इसमें कहा गया है कि यदि न्यायालय द्वारा लगाई गई शर्तों का उल्लंघन किया जाता है तो अभियोजन पक्ष दोनों की जमानत रद्द करने का अनुरोध कर सकता है।

पीठ ने निर्देश दिया कि इस मामले को प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत के समक्ष रखा जाए ताकि कानूनी प्रश्न पर आधिकारिक निर्णय के लिए उपयुक्त पीठ का गठन किया जा सके।

भाषा धीरज अविनाश नरेश

नरेश


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