दिल्ली दंगा मामला: सालों बाद जमानत पर रिहा हुए शिफा उर रहमान का लोगों ने किया स्वागत
दिल्ली दंगा मामला: सालों बाद जमानत पर रिहा हुए शिफा उर रहमान का लोगों ने किया स्वागत
(सौम्या शुक्ला)
नयी दिल्ली, आठ जनवरी (भाषा) उत्तर-पूर्वी दिल्ली में 2020 के दंगों की साजिश के मामले में पांच साल जेल में बिताने के बाद जमानत पर रिहा हुए शिफा उर रहमान का उनके परिवार और दोस्तों ने स्वागत किया।
रहमान जब यहां अपने जामिया नगर स्थित आवास पर पहुंचे तो पड़ोसियों ने छत से उन पर फूल बरसाये।
वह उन चार आरोपियों में से एक है जिन्हें बुधवार को जेल से रिहा कर दिया गया। उच्चतम न्यायालय द्वारा जमानत दिए जाने के बाद शहर की अदालत द्वारा उनकी रिहाई के आदेश जारी किये गए थे।
रहमान (45) का उनके घर पर उनकी पत्नी द्वारा तैयार किए गए गाजर के हलवे से स्वागत किया गया। लंबे समय से उनके बाहर निकलने का इंतजार कर रहे दोस्तों ने उन्हें गले लगा लिया।
दिल्ली दंगों से जुड़े एक बड़े षड्यंत्र मामले में 26 अप्रैल, 2020 को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के पांच साल बाद उनकी घर वापसी हुई है।
जामिया मिल्लिया इस्लामिया (एएजेएमआई) के पूर्व छात्र संघ के अध्यक्ष रह चुके रहमान अपनी पत्नी, बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ जामिया नगर स्थित अपने घर में रहते हैं।
हालांकि, जमानत की शर्तों के कारण वह अभी तक मेरठ में रह रही अपनी मां से नहीं मिल पाए हैं।
जब वह पहुंचे तो महिलाओं ने छतों से उन पर फूलों की पंखुड़ियां बरसाईं, जबकि दोस्तों, छात्रों और रिश्तेदारों ने उन्हें गले लगाया।
उनके रिश्ते के भाई ओवैस ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “उनकी पत्नी ने उनके लिए गाजर का हलवा और अन्य मिठाइयां बनाईं। अदालत द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के बावजूद, हमें राहत है कि वह आखिरकार अपने परिवार के साथ समय बिता सकते हैं और अपने जीवन का फिर से शुरू कर सकते हैं।”
उन्होंने बताया कि बुधवार रात को उनके स्वागत के लिए घर के बाहर करीब 100 लोग जमा हुए थे।
जामिया मिल्लिया इस्लामिया के सेवानिवृत्त सहायक रजिस्ट्रार ओवैस ने रहमान को एक शांत स्वभाव का व्यक्ति बताया जो प्रसिद्धि से दूर रहना पसंद करता है।
रहमान फरवरी 2020 में राष्ट्रीय राजधानी में सांप्रदायिक हिंसा भड़काने के आरोपी 18 लोगों में शामिल हैं। रहमान का नाम दिल्ली अपराध शाखा के आरोपपत्र में है, जिसमें हत्या, राजद्रोह और आतंकवादी कृत्य करने सहित 30 से अधिक आरोप लगाए गए हैं।
भाषा प्रशांत पवनेश
पवनेश

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