दिल्ली दंगे: अदालत ने आईबी अधिकारी की हत्या मामले में फैसला सात जुलाई के लिए टाला
दिल्ली दंगे: अदालत ने आईबी अधिकारी की हत्या मामले में फैसला सात जुलाई के लिए टाला
नयी दिल्ली, 11 जून (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने बृहस्पतिवार को खुफिया ब्यूरो (आईबी) के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में अपना फैसला 7 जुलाई के लिए टाल दिया। शर्मा की 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के दौरान हत्या कर दी गई थी।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण सिंह, आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत 11 आरोपियों के खिलाफ इस मुकदमे की सुनवाई कर रहे हैं।
यह मामला अंकित शर्मा के पिता रविंदर कुमार की शिकायत पर दयालपुर पुलिस थाने में दर्ज प्राथमिकी से संबंधित है।
शिकायत के अनुसार, आईबी में तैनात शर्मा 25 फरवरी 2020 को कार्यालय से घर लौटे और उसके बाद फिर बाहर निकले थे।
वह जब काफी देर तक वापस नहीं लौटे, तो परिवार के सदस्यों ने उन्हें ढूंढना शुरू किया। तभी, परिवार को स्थानीय लोगों से पता चला कि शर्मा की हत्या कर दी गई है और उनका शव चांद बाग पुलिया इलाके में एक मस्जिद के पास खजूरी खास नाले में फेंक दिया गया है।
बाद में, शर्मा का शव नाले से बरामद किया गया।
कुमार ने अपनी शिकायत में पूर्व आप पार्षद ताहिर हुसैन और कई अन्य लोगों पर अपने बेटे की हत्या का आरोप लगाया था।
दिल्ली की एक अदालत ने 24 मार्च 2023 को हुसैन और 10 अन्य लोगों के खिलाफ आरोप तय किये थे। इन 10 लोगों में हसीन (उर्फ मुल्लाजी उर्फ सलमान), नाजिम, कासिम, समीर खान, अनस, फिरोज, जावेद, गुलफाम, शोएब आलम (उर्फ बॉबी) और मुंताजिम (उर्फ मूसा) शामिल हैं।
यह मामला फरवरी 2020 में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में हुए प्रदर्शनों के दौरान उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़की सांप्रदायिक हिंसा से संबंधित है।
पथराव, आगजनी और तोड़-फोड़ की घटनाओं वाली झड़पों में 53 लोगों की मौत हो गई जबकि कई अन्य घायल हुए थे।
भाषा सुभाष रंजन
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