नयी दिल्ली, सात मई (भाषा) दिल्ली संज्ञेय अपराधों के मामलों की संख्या में 19 महानगरों में सबसे ऊपर है। राष्ट्रीय राजधानी में 2.70 लाख से अधिक मामले दर्ज किए गए और आरोपपत्र दाखिल करने की दर सबसे कम है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की ‘भारत में अपराध 2024’ रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है।
आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में मुंबई की तुलना में लगभग पांच गुना और बेंगलुरु की तुलना में सात गुना से अधिक मामले दर्ज किए गए।
शहर में प्रति लाख जनसंख्या पर संज्ञेय अपराधों की दर 1688 है, जो देश के सभी महानगरों में सबसे अधिक है।
आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में 2024 में 2,75,402 संज्ञेय अपराध दर्ज किए गए।
मामलों की बड़ी संख्या के बावजूद आरोपपत्र दाखिल करने की दर मात्र 31.9 प्रतिशत रही, जो रिपोर्ट में शामिल सभी महानगरों में सबसे कम है।
हालांकि, आंकड़ों से पता चलता है कि दिल्ली में संज्ञेय अपराधों की संख्या पिछले दो वर्षों की तुलना में कम हुई है।
वर्ष 2022 में दर्ज संज्ञेय अपराधों की संख्या 2,98,988 थी, जबकि 2023 में यह बढ़कर 3,23,549 हो गई थी।
रिपोर्ट के मुताबिक, गंभीर अपराधों में 14.8 प्रतिशत की गिरावट आई है।
इस तरह के गंभीर अपराधों में पुलिस बिना वारंट के आरोपी को गिरफ्तार कर सकती है और मजिस्ट्रेट की अनुमति के बिना जांच शुरू कर सकती है।
एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार, 20 लाख से अधिक आबादी वाले 19 महानगरों में अहमदाबाद, बेंगलुरु, चेन्नई, कोयंबटूर, दिल्ली, गाजियाबाद, हैदराबाद, इंदौर, जयपुर, कानपुर, कोच्चि, कोलकाता, कोझिकोड, लखनऊ, मुंबई, नागपुर, पटना, पुणे और सूरत शामिल हैं।
दिल्ली की आबादी 2011 की जनगणना के आंकड़ों के अनुसार 1.63 करोड़ थी और इसमें लगातार वृद्धि जारी है।
भाषा जितेंद्र माधव
माधव