राज्यसभा में उठी निजी स्वास्थ्य बीमा कंपनियों पर समय से दावा निस्तारण नहीं करने पर कार्रवाई की मांग
राज्यसभा में उठी निजी स्वास्थ्य बीमा कंपनियों पर समय से दावा निस्तारण नहीं करने पर कार्रवाई की मांग
नयी दिल्ली, पांच अगस्त (भाषा) राज्यसभा में बुधवार को भाजपा की एक सांसद ने निजी स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी के ग्राहकों को दावा निस्तारण में आ रही तमाम कठिनाइयों पर चिंता जताते हुए सरकार से मांग की कि इन दावों को निबटाने में अनावश्यक विलंब होने पर संबंधित कंपनियों के विरुद्ध प्रभावी एवं समयबद्ध कार्रवाई होनी चाहिए।
शून्यकाल में यह मुद्दा उठाते हुए भारतीय जनता पार्टी की कविता पाटीदार ने कहा कि आज का मध्यम वर्ग और वरिष्ठ नागरिक अपनी मेहनत की कमाई से निजी क्षेत्र की स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी खरीदते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग वर्षों तक इस विश्वास के साथ इसके प्रीमियम का भुगतान करते हैं कि जरूरत पड़ने पर यह बीमा उनके परिवार को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करेगा।
उन्होंने कहा कि जब बीमारी का संकट आता है और इलाज का दावा प्रस्तुत किया जाता है तो उन्हें अनावश्यक विलंब, बार बार दस्तावेजों की मांग, आंशिक भुगतान अथवा बिना पर्याप्त कारण के दावा अस्वीकार किए जाने जैसी गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
भाजपा सांसद ने सरकार से मांग की कि स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी जारी करते हुए यह अनिवार्य किया जाए कि सरल एवं सहज शब्दों में पालिसी के भीतर कवर की जाने वाली बीमारियों और उपचार के बारे में जानकारी हो। इसमें प्रतीक्षा अवधि, दावा स्वीकार या अस्वीकार किए जाने वाली परिस्थितियों, दावा प्रस्तुत करने प्रकिया, दावा निस्तारण की अवधि भी बतायी जानी चाहिए।
उन्होंने सरकार से बीमा कंपनियों की जवादेही को और सुदृढ़ बनाने की मांग की ताकि दावा निस्तारण की प्रक्रिया पारदर्शी, डिजिटल एवं समयबद्ध बनायी जाए। उन्होंने कहा कि यदि दावा निस्तारण में अनावश्यक विलंब हो तो बीमा कंपनी के विरुद्ध प्रभावी एवं समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
शून्यकाल में भाजपा की मेधा विश्राम कुलकर्णी ने एक ही दवा के अलग अलग मूल्य होने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि मरीजों को महंगी दवाएं बेचकर मुनाफाखोरी को रोका जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हाल में एक संसदीय समिति ने भी इस पर चिंता जतायी है। उन्होंने कहा कि दवाओं के लिए एक ‘रिफरेंस प्राइज रेंज’ बनायी जानी चाहिए।
शून्यकाल में भाजपा की संगीता बलवन्त ने 18 जुलाई 2026 को भारत की निजी कंपनी स्काईरूट द्वारा श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से अपने पहले ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-1 का सफल प्रक्षेपण किये जाने की ओर सदन का ध्यान आकृष्ट किया। उन्होंने कहा कि इस अंतरिक्ष केंद्र से पहली बार किसी निजी कंपनी ने सफल प्रक्षेपण किया है।
उन्होंने कहा कि यह भारत की वैज्ञानिक उपलब्धियों और नवाचार का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक सफल प्रक्षेपण नहीं है बल्कि भारत के हौसलों की सफल उड़ान है। उन्होंने कहा कि भारत यह उपलब्धि हासिल करने वाला अमेरिका और चीन के बाद तीसरा देश बन गया है।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के वी शिवदासन ने शून्यकाल में अनुबंध कर्मचारियों की सेवा को एकाएक समाप्त करने के बढ़ते चलन का मुद्दा उठाते हुए इस पर चिंता जतायी।
भाषा
माधव मनीषा
मनीषा

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