नयी दिल्ली, पांच मई (भाषा) पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की शानदार जीत के बावजूद पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को निकट भविष्य में राज्यसभा में दो-तिहाई बहुमत हासिल होने की संभावना नहीं है।
वर्तमान में 244 सदस्यीय उच्च सदन में राजग के 149 सदस्य हैं, जिनमें भाजपा की सदस्य संख्या 113 है। यह संख्या दो-तिहाई बहुमत के 163 के आंकड़े से 14 कम है।
पश्चिम बंगाल में राज्यसभा की छह सीटों के लिए चुनाव अगस्त 2029 में होने हैं, जिनमें से पांच सीटें फिलहाल तृणमूल कांग्रेस के पास हैं।
उच्च सदन के लिए इस वर्ष जून में 22 सीटों और नवंबर में 11 सीटों के लिए चुनाव होगा। नवंबर में उत्तर प्रदेश की 10 सीटों पर चुनाव होगा, जिनमें से आठ सीटें भाजपा के पास हैं। उत्तर प्रदेश की ही 11 अन्य सीटों के लिए चुनाव जुलाई 2028 में होंगे, जिनमें आठ भाजपा के पास हैं।
अप्रैल 2028 में 13 सीटों और जून 2028 में 21 सीटों के लिए चुनाव होंगे। इनमें पंजाब की पांच, केरल की तीन, असम की दो, मध्य प्रदेश की तीन, आंध्र प्रदेश की चार, तमिलनाडु की छह, कर्नाटक की चार तथा तेलंगाना और छत्तीसगढ़ की दो-दो सीटें शामिल हैं।
जुलाई 2028 में राज्यसभा की कुल 38 सीटों के लिए चुनाव होंगे, जिनमें बिहार की पांच, महाराष्ट्र की छह, ओडिशा की तीन, राजस्थान की चार, पंजाब की दो तथा उत्तराखंड की एक सीट शामिल है।
हाल ही में आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सदस्य भाजपा में शामिल हो गए जिसके बाद भाजपा की उच्च सदन में संख्या बढ़कर 113 हो गई है।
उच्च सदन में दो-तिहाई बहुमत हासिल होने के बाद राजग के लिए संविधान संशोधन से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराना आसान हो जाएगा।
लोकसभा में भी राजग के पास दो-तिहाई बहुमत नहीं है, हालांकि उसे साधारण बहुमत प्राप्त है। निचले सदन में दो-तिहाई बहुमत के लिए उसे 363 सांसदों के समर्थन की आवश्यकता होगी।
भाषा मनीषा वैभव
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