Who is New CM of West Bengal: भाजपा ने ढूंढ निकाला ममता बनर्जी का काट, सीएम के लिए फिल्मी दुनिया से नाता रखने वाली धाकड़ लेडी का नाम आया सामने, अमित शाह के आब्जर्वर बनते ही चर्चा तेज / Image: AI Generated
कोलकाता: Who is New CM of West Bengal पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के परिणाम सामने आ चुके हैं और सरकार बनाने की कवायद शुरू हो चुकी है। निर्वाचन आयोग की ओर से जारी परिणाम के अनुसार बंगाल और असम में भाजपा ने प्रचंड बहुमत से कमल खिलाया है। वहीं, पुडुचेरी में एनडीए गठबंधन की सरकार बन रही है, तो दूसरी ओर केरलम में यूडीएफ की सरकार बनने जा रही है जबकि तमिलनाडु में टीवीएफ की सरकार बन रही है। वहीं, शपथ ग्रहण की तारीख सामने आने के बाद अब बंगाल के नए सीएम के नाम को लेकर कयासों का बाजार बेहद गरमाया हुआ है। हालांकि ये माना जा रहा है कि शुभेंदु अधिकारी को भाजपा बंगाल का सीएम बना सकती है, लेकिन ये भी कहना गलत नहीं होगा कि भाजपा आखिरी मौके पर सबको चौंका कर रख देती है। अब ये तो तय है कि 9 मई को पता चल ही जाएगा कि कौन है बंगाल का नया सीएम कौन होगा? बता दें कि भाजपा ने पश्चिम बंगाल में सीएम का चुनाव करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें आब्जर्वर बनाए जाने के बाद अब उनके करीबियों का नाम सामने आने लगा है।
Who is New CM of West Bengal चुनावी परिणाम सामने आने के बाद एक बात तो तय है भाजपा ने जहां अपने वादों के जरिए मजबूत नैरेटिव खड़ा किया, वहीं “एम फैक्टर” ने भी चुनावी गणित को प्रभावित किया। भाजपा ने अवैध घुसपैठ को बड़ा मुद्दा बनाया। बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों को बाहर करने का वादा खासकर सीमावर्ती इलाकों में असरदार साबित हुआ। इसे सुरक्षा और स्थानीय अधिकारों से जोड़कर पेश किया गया। वहीं, महिलाओं और बेरोजगार युवाओं को हर महीने आर्थिक सहायता देने जैसे वादों का भी असर देखने को मिला। केंद्र की योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करने का भरोसा दिया गया, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग में भाजपा की पकड़ मजबूत हुई। (BJP Major Electoral Issues in West Bengal) राज्य में बढ़ती हिंसा और अपराध के मुद्दे को भी भाजपा ने जोर-शोर से उठाया और सख्त कानून व्यवस्था लागू करने की बात कही।
सिंडिकेट राज खत्म करने और पारदर्शिता लाने का वादा भाजपा के प्रचार का अहम हिस्सा रहा। लंबे समय से सिस्टम से नाराज वोटरों तक यह संदेश सीधे पहुंचा। बंद पड़े उद्योगों को चालू करने और नए निवेश लाने के वादों ने युवाओं और व्यापारिक वर्ग को आकर्षित किया। “सोनार बांग्ला” का सपना भी इसी से जोड़ा गया। इन सबके साथ भाजपा ने “एम फैक्टर” पर भी काम किया, जिसने चुनावी परिणामों को प्रभावित किया। मुस्लिम वोट पारंपरिक रूप से टीएमसी के साथ रहे हैं, लेकिन इस बार उनमें बंटवारा देखने को मिला। भाजपा ने इस वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश की, जबकि ध्रुवीकरण भी असरदार रहा। (BJP Major Electoral Issues in West Bengal) नरेंद्र मोदी की रैलियों और राष्ट्रीय मुद्दों पर फोकस ने भाजपा को नई ऊर्जा दी, जबकि ममता बनर्जी की छवि टीएमसी की बड़ी ताकत बनी रही। कुल मिलाकर, भाजपा ने अपने वादों और सामाजिक समीकरणों के दम पर बढ़त बनाई, जबकि टीएमसी इनका प्रभावी जवाब देने के लिए संघर्ष करती दिखी।
शुभेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री पद के टॉप दावेदारों में से एक हैं। एक समय में ममता बनर्जी के करीबी रहे शुभेंदु अधिकारी के पास जमीनी पकड़ और मजबूत सांगठनिक नेटवर्क है। 2021 में उन्होंने नंदीग्राम में ममता बनर्जी को हराकर ‘जायंट किलर’ का तमगा हासिल किया था। हालांकि, नारदा स्टिंग मामले में उनका नाम शामिल रहा, जो मुख्यमंत्री बनने की राह में उनके लिए रुकावट बन सकता है।
2021 में बीजेपी को मुख्य विपक्षी दल बनाने का श्रेय पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष को ही दिया जाता है। भले ही वे अब अध्यक्ष नहीं हैं, लेकिन बंगाल की राजनीति में उनका प्रभाव आज भी कायम है। ऐसे में बंगाल सीएम की रेस में वो एक मजबूत विकल्प हो सकते हैं।
बंगाल बीजेपी के अध्यक्ष समीक भट्टाचार्य को पार्टी में सबको साथ लेकर चलने वाले नेता के रूप में देखा जाता है। उन्होंने पर्दे के पीछे रहकर बीजेपी के विस्तार में बड़ी भूमिका निभाई है। ऐसे में बीजेपी उन्हें भी बंगाल की कमान सौंप सकती है।
पेशे से फैशन डिजाइनर अग्निमित्रा पॉल बीजेपी की एक बेबाक नेताओं में से एक हैं। उन्होंने इस चुनाव में अपनी आसनसोल दक्षिण सीट बरकरार रखी है। अगर बीजेपी राज्य में महिला सीएम चुनती है तो अग्निमित्रा उनकी पसंद हो सकती हैं। अमित शाह के बंगाल का आब्जर्वर अग्निमित्रा पॉल का नाम सीएम की रेस में सबसे आगे बताया जा रहा है।
पूर्व राज्यसभा सांसद और सोनारपुर दक्षिण से विधायक रूपा गांगुली ने महिला मोर्चा की अध्यक्ष के रूप में उन्होंने जमीनी स्तर पर भी काम किया है। उनकी पॉपुलैरिटी देखते हुए बीजेपी उन्हें बंगाल का मुख्यमंत्री बनाने पर विचार कर सकती है।
निशिथ प्रामाणिक का नाम भी सीएम पद की रेस में सामने आ रहा है। हालांकि अब देखना ये है कि प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह की जोड़ी बंगाल की कमान किसके हाथों में सौंपती है।
25 नवंबर 1974 को जन्मी अग्निमित्रा पॉल का डॉ. अशोक रॉय की बेटी हैं। बॉटनी में ग्रेजुएट होने के बाद उन्होंने फैशन टेक्नोलॉजी में डिप्लोमा और एमबीए की पढ़ाई की है। राजनीति में आने से पहले वे कोलकाता की मशहूर फैशन डिजाइनर और बिजनेस वीमेन थीं। उनकी ब्रांड ‘इंगा’ काफी लोकप्रिय थी। उन्होंने बॉलीवुड फिल्मों जैसे ‘कोई मेरे दिल से पूछे’ और ‘वाया दार्जिलिंग’ के लिए कपड़े डिजाइन किए। लक्ष्मी फेशन वीक में भी अपनी कलेक्शन पेश कर चुकी हैं। श्रीदेवी, मिथुन चक्रवर्ती, के के मेनन समेत कई हस्तियों के लिए उन्होंने काम किया है। यहां तक कि हिलेरी क्लिंटन को भी उन्होंने शॉल और ब्लैंकेट गिफ्ट किए थे।
2019 में भाजपा में शामिल होने के बाद उनकी राजनीतिक यात्रा तेजी से आगे बढ़ी। वे जल्द ही भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष बन गईं। इस दौरान उन्होंने पूरे 23 जिलों में महिलाओं के लिए सेल्फ डिफेंस वर्कशॉप आयोजित किए। 2021 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने आसानसोल दक्षिण सीट से तृणमूल कांग्रेस की सायोनी घोष को हराकर पहली बार विधायक बनीं। 2026 के चुनाव में उन्होंने इस सीट पर भारी अंतर से जीत दर्ज की।