नयी दिल्ली, पांच मई (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने लीना पॉलोस को उनके पति, कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े 200 करोड़ रुपये के जबरन वसूली मामले में जमानत देने से मंगलवार को इनकार कर दिया, लेकिन संबंधित धनशोधन मामले में उसे राहत प्रदान की।
दिल्ली पुलिस और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा जांच किए जा रहे दो मामलों में पॉलोस की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति प्रतीक जालान ने कहा, ‘‘मैंने महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका), मामले में आवेदन खारिज कर दिया है, लेकिन (ईडी मामले में) स्वीकार कर लिया है।’’
दिल्ली पुलिस ने चंद्रशेखर के खिलाफ रैनबैक्सी के पूर्व प्रवर्तक शिविंदर सिंह और मालविंदर सिंह की पत्नियों से कथित तौर पर 200 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज किया है।
पुलिस का आरोप है कि चंद्रशेखर और उसके साथियों ने कथित तौर पर शिविंदर मोहन सिंह की पत्नी अदिति सिंह से सरकारी अधिकारी बनकर और उनके पति को जमानत दिलाने का वादा करके पैसे लिये। शिविंदर मोहन सिंह धनशोधन मामले में जेल में थे।
देश भर में चंद्रशेखर के खिलाफ कई अलग-अलग जांच जारी हैं।
पुलिस ने इस मामले में महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) लगाया है।
दिल्ली पुलिस का आरोप है कि पॉलोस, चंद्रशेखर और अन्य आरोपियों ने हवाला का इस्तेमाल किया और अपराध की कमाई से प्राप्त धन को छिपाने के लिए फर्जी कंपनियां बनाईं।
पुलिस के मामले के आधार पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धनशोधन रोकथाम अधिनियम के तहत जांच शुरू की।
भाषा
अमित मनीषा
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