देवेगौड़ा ने कहा, प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनके संबंध का राज्यसभा सीट से कोई लेना-देना नहीं
देवेगौड़ा ने कहा, प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनके संबंध का राज्यसभा सीट से कोई लेना-देना नहीं
बेंगलुरु, 10 जून (भाषा) पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ उनके संबंध का राज्यसभा सीट से कोई लेना-देना नहीं है और वह उच्च सदन के सदस्य रहें या न रहें, यह बना रहेगा।
जनता दल (सेक्युलर) प्रमुख ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच पिछले दशक में एक व्यक्तिगत जुड़ाव बना है।
देवेगौड़ा की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब कांग्रेस ने पूर्व प्रधानमंत्री को फिर से राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार नहीं बनाये जाने को लेकर जद(एस) की सहयोगी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की आलोचना की है।
भाजपा ने देवेगौड़ा की जगह अपनी पार्टी के एम. नागराज को आठ जून को राज्यसभा उम्मीदवार घोषित किया था।
जद(एस) द्वारा भाजपा से राज्यसभा सीट नहीं मांगे जाने को लेकर चल रही अटकलों के बीच, देवेगौड़ा (93) ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उन्हें राज्यसभा में न रहने का कोई अफसोस नहीं है। उन्होंने इस बात को भी खारिज कर दिया कि मोदी के साथ उनके जुड़ाव के पीछे कोई राजनीतिक वजह है।
राज्यसभा में उनका मौजूदा कार्यकाल इसी महीने के अंत में समाप्त हो रहा है।
देवेगौड़ा ने कहा, ‘‘इस राज्य (कर्नाटक) और देश के लोगों को यह नहीं सोचना चाहिए कि मोदी के साथ मेरा संबंध राज्यसभा सीट पर निर्भर करता है।’’
पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय मंत्री और अपने बेटे एच.डी. कुमारस्वामी के उस बयान का स्वागत किया है जिसमें कहा गया है कि कर्नाटक विधानसभा में केवल 18 विधायकों वाली उनकी पार्टी (जद-एस) राज्यसभा सीट के लिए दावा नहीं करेगी।
देवेगौड़ा ने कहा कि जब 63 विधायकों वाली भाजपा आसानी से एक सीट हासिल कर सकती है, तो जद(एस) के सीट की जिद करने का कोई कारण नहीं है।
मोदी के साथ अपनी बातचीत को याद करते हुए देवेगौड़ा ने कहा कि अतीत में मतभेदों के बावजूद, 2014 में मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद दोनों नेताओं के बीच संबंध बेहतर हुए।
देवेगौड़ा ने कहा, ‘‘2014 में जब मोदी ने 282 लोकसभा सीटें जीतीं और वह खुद ही सरकार बना सकते थे, तब भी उन्होंने सहयोगियों के साथ मिलकर राजग सरकार बनाने का फैसला किया।’’
उन्होंने बताया कि जब मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने गोधरा घटना (गुजरात दंगों) को लेकर उनकी कड़ी आलोचना की थी, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि समय के साथ-साथ उनके संबंध बेहतर होते गए।
उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन उनके (मोदी के) प्रधानमंत्री बनने के बाद हमारे संबंध और मजबूत हुए। पिछले 10 वर्षों में बने ये संबंध राज्यसभा सीट के लिए नहीं है, बल्कि यह एक व्यक्तिगत संबंध है।’’
अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए, पूर्व प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि लोगों को यह गलतफहमी नहीं होनी चाहिए कि अब राज्यसभा सदस्य नहीं रहने के कारण उनके मोदी के साथ संबंध खत्म हो गए हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘हर परिस्थिति में मैं प्रधानमंत्री मोदी के साथ खड़ा रहा हूं क्योंकि उन्होंने देश के सर्वांगीण विकास के लिए काम किया है।’’
पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि कोई भी समकालीन नेता मोदी के कद के बराबर नहीं दिखता।
उन्होंने कहा, ‘‘भारत 145 करोड़ की आबादी वाला एक विशाल देश है और यहां कई चुनौतियां हैं। मुझे नहीं लगता कि आज कोई और नेता है जो मोदी का मुकाबला कर सके।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मोदी को एक बड़े नेता के तौर पर जाना जाता है। यह सिर्फ भारत तक ही सीमित नहीं है। विदेशों में भी उनका काफी सम्मान है। कोई दूसरा नेता इस मुकाम तक नहीं पहुंचा है।’’
देवेगौड़ा ने यह भी कहा कि जब तक उनका स्वास्थ्य ठीक रहेगा, वह पार्टी के कार्यक्रमों, स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारियों और सार्वजनिक कार्यों में भागीदारी करते रहेंगे।
भाषा सुभाष नरेश
नरेश

Facebook


