पुरी (ओडिशा), 25 जुलाई (भाषा) बहुड़ा यात्रा के दौरान देवी सुभद्रा का ‘दर्पदलन’ रथ खींचते समय कथित तौर पर दम घुटने से एक श्रद्धालु की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि मृतक की पहचान कटक के अभिराम दास (57) के रूप में हुई है।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि अभिराम बगला धर्मशाला के पास रथ खींचते समय अचानक गिर पड़े और उन्हें तत्काल पुरी जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां शुक्रवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
स्वास्थ्य सेवा निदेशक महेश मोहन पांडा ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘अभिराम उच्च रक्तचाप से पीड़ित थे और इसके लिए दवा ले रहे थे। वह अचानक गिर पड़े और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।’’
चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि करीब 100 लोगों को पुरी के जिला अस्पताल लाया गया था। उन्होंने बेचैनी की शिकायत की थी और उनमें से अधिकतर को प्राथमिक उपचार एवं कुछ देर आराम के बाद छुट्टी दे दी गई।
उन्होंने बताया कि सात लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी हालत स्थिर है और उन्हें जल्द छुट्टी दे दी जाएगी।
पुलिस ने बताया कि रथ के पास भीड़ का दबाव नहीं था, लेकिन पुरी में मौसम गर्म और उमस भरा था। तटीय शहर में शाम के समय सापेक्ष आर्द्रता 85 से 90 प्रतिशत दर्ज की गई।
पुरी में रथयात्रा के दौरान मरने वालों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है। इससे पहले 16 जुलाई को गुंडिचा मंदिर की ओर रथ खींचे जाने के दौरान दो लोगों की मौत हुई थी। इनमें से एक की मौत कथित तौर पर दम घुटने और दूसरे की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई थी।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने मृतकों के निकटतम परिजनों को 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
इस बीच, विपक्षी पार्टी बीजू जनता दल (बीजद) ने एक वीडियो जारी किया, जिसमें भगवान जगन्नाथ का ‘नंदीघोष’ रथ खींचे जाने के दौरान कथित तौर पर भगदड़ जैसी स्थिति दिखाई दे रही है।
‘पीटीआई’ इस वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि स्वतंत्र रूप से नहीं कर सका।
हालांकि, बीजद उपाध्यक्ष संजय दास बर्मा ने मांग की कि रथयात्रा के दौरान उस कथित कुप्रबंधन की न्यायिक जांच की जाए जिसके कारण ‘‘तीन लोगों की मौत हुई।’’
दास बर्मा ने कहा, ‘‘यह दुनिया के सबसे बड़े वार्षिक आध्यात्मिक आयोजन के प्रबंधन में ओडिशा सरकार की लगातार प्रशासनिक विफलता का एक और दुखद उदाहरण है।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि बहुड़ा यात्रा के दौरान बड़ा डंडा या ‘ग्रैंड रोड’ पर भीड़ के कुप्रबंधन के कारण कुल 102 श्रद्धालु घायल हुए।
उन्होंने कहा, ‘‘इनमें से 24 की हालत गंभीर है और उनका ट्रॉमा केयर इकाई में इलाज किया जा रहा है। ये चिंताजनक आंकड़े साफ करते हैं कि प्रशासन ने पिछली घटना से कोई सबक नहीं लिया और उसकी लापरवाही एवं अक्षमता ने एक बार फिर हजारों श्रद्धालुओं की जान खतरे में डाल दी।’’
बीजद ने मृतकों के परिवारों को तत्काल उचित मुआवजा दिए जाने की मांग की।
पार्टी ने ‘ट्रॉमा केयर’ इकाई में भर्ती गंभीर रूप से घायल सभी श्रद्धालुओं को बिना देरी भुवनेश्वर के अत्याधुनिक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में स्थानांतरित करने और उन्हें सर्वोत्तम उपचार उपलब्ध कराने की भी मांग की।
भाषा
सिम्मी शोभना
शोभना