सीआरपीएफ के डीजी ने जवानों को पदोन्नति में ठहराव के मुद्दे के जल्द समाधान का भरोसा दिलाया

सीआरपीएफ के डीजी ने जवानों को पदोन्नति में ठहराव के मुद्दे के जल्द समाधान का भरोसा दिलाया

सीआरपीएफ के डीजी ने जवानों को पदोन्नति में ठहराव के मुद्दे के जल्द समाधान का भरोसा दिलाया
Modified Date: April 9, 2026 / 08:33 pm IST
Published Date: April 9, 2026 8:33 pm IST

नयी दिल्ली, नौ अप्रैल (भाषा) केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के महानिदेशक (डीजी) जीपी सिंह ने बृहस्पतिवार को अधिकारियों और जवानों को भरोसा दिलाया कि देश के सबसे बड़े अर्धसैनिक बल में पदोन्नति में ठहराव की “बड़ी समस्या” को जल्द से जल्द हल करने के प्रयास जारी हैं।

सिंह ने कहा कि सीआरपीएफ मुख्यालय यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहा है कि अर्धसैनिक बल के ‘ग्रुप-ए’ अधिकारियों के कैडर पुनर्गठन को पूरा करके मई के पहले पखवाड़े तक केंद्र सरकार को भेज दिया जाए।

कैडर पुनर्गठन का उद्देश्य बल के कर्मचारियों के लिए कैरियर की संभावनाओं को बेहतर बनाना है।

सिंह की यह टिप्पणी संसद में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक, 2026 के पारित होने के कुछ दिनों बाद आई है।

केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) कैडर के अधिकारियों का कहना है कि यह विधेयक “दमनकारी” है और अगर भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) में प्रतिनियुक्तियों में कटौती नहीं की जाती है, जैसा कि पिछले साल उच्चतम न्यायालय ने निर्देश दिया था, तो वे अपने वर्तमान पदों पर ही बने रह जाएंगे।

इन अधिकारियों का कहना है कि उनकी पदोन्नति में 15 से 17 साल की देरी होती है।

सिंह ने यहां ‘शौर्य दिवस’ ​​कार्यक्रम में कहा, “सीआरपीएफ में आज सबसे बड़ी समस्या पदोन्नति में ठहराव है। हम समस्या का समाधान करेंगे। अधिकारियों और अधीनस्थ अधिकारियों की पदोन्नति में हो रही देरी के मुद्दे को हल करने के लिए हम उच्च अधिकारियों के संपर्क में हैं।”

भाषा पारुल माधव

माधव


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