शह-मात The Big Debate: नए शिक्षण सत्र का नए तरीके से आगाज.. इधर सरकार के ऐलान से विपक्ष नाराज.. मंत्रोच्चारण से शुरू होगी क्लासेस

Shah-Maat The Big Debate: छत्तीसगढ़ में नए शिक्षा सत्र से जुड़ी शिक्षा मंत्री की घोषणा पर विपक्ष ने विरोध जताया, मंत्रोच्चारण से होगी क्लास।

शह-मात The Big Debate: नए शिक्षण सत्र का नए तरीके से आगाज.. इधर सरकार के ऐलान से विपक्ष नाराज.. मंत्रोच्चारण से शुरू होगी क्लासेस

Shah-Maat The Big Debate || Image- IBC24 News File

Modified Date: April 9, 2026 / 11:48 pm IST
Published Date: April 9, 2026 11:48 pm IST

रायपुर: छत्तीसगढ़ में आज का मुद्दा सीधे तौर पर जुड़ा प्रदेश के हर परिवार से, बच्चों से, आपसे-हमसे। दरअसल, प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री का दावा है कि इस बार नए शिक्षा सत्र से स्कूलों की काफी कुछ नया होगा। पढ़ाई के तरीके से लेकर, विषय, किताबों हर चीज में बड़ा बदलाव की तैयारी है। इन्हीं बदलावों में एक ऐलान ये भी है कि अब से पढ़ाई की शुरूआत दो से तीन मंत्रोचार के साथ होगी। घोषणा पर सियासी पारा चढ़ गया है, विपक्ष पूछ रहा है कि अब हर सरकारी स्कूल क्या शिशु मंदिर बनाने की तैयारी है? सवाल ये है कि क्या जो बदलाव प्रस्तावित हैं उनसे कोई नुकसान है? क्या ये दिखावे या ध्यान भटकाने के लिए हैं ? क्या इनका कोई और एजेंडा है? या फिर बदलाव का विरोध सिर्फ और सिर्फ सियासी सिलेबस मात्र है ?

जानें क्या कुछ होगा बदलाव

अबकी बार नए शिक्षण सत्र से छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूल बदले-बदले से नजर आएंगे। प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव का दावा है कि स्कूलों में बच्चों को बारहखड़ी से लेकर AI तक पढ़ाया जाएगा। स्कूलों में पढ़ाई के साथ-साथ सांस्कृतिक लर्निंग पर जोर होगा। .इसके लिए स्कूलों में हर दिन राष्ट्रगान-राष्ट्रगीत के बाद मंत्रोचार किए जाएंगे। 2-3 मंत्रों के उच्चारण के बाद ही क्लास शुरू होगी, सहायक वाचन के साथ छत्तीसगढ़ के तीज-त्योहार पर आधारित किताबें पढ़ाई जाएगी। हर महीने महापुरुषों के जन्म दिवस पर व्याख्यान होंगे। प्रत्येक शनिवार को एक्टिविटी-डे में खेलकूद के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के स्थानीय त्यौहार मनाये जाएंगे।

क्यों नाराज हुआ विपक्ष?

स्कूल शिक्षा मंत्री के बदलाव वाले बयान पर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। खासकर राष्ट्रगान-राष्ट्रगीत के बाद मंत्रोचार वाले बयान पर। PCC चीफ दीपक बैज ने सरकारी स्कूल सिस्टम की खामियां गिनाते हुए सरकार पर सवाल दागा कि क्या सरकार अब सभी सरकारी स्कूल्स को सरस्वती शिशु मंदिर बनाने जा रही है। जबकि पूर्व मंत्री उमेश पटेल ने कहा कि सरकार चाहे जो करे लेकिन एजुकेशन क्वालिटी को इंप्रूव करें। शिक्षक दारू पीकर स्कूल पहुंचते हैं उन्हें लेकर विभाग क्यों उदासीन रहता है।

आरोपों से इतर सरकार और शिक्षा विभाग का दावा है कि नए शिक्षण सत्र की तैयारी हैै। 16 जून से जब स्कूल खुलेंगे बच्चों के हाथ में कॉपी, किताब, साइकिल ड्रेस सब उपलब्ध होंगे। ये भी दावा है कि प्रदेश के स्कूलों में टीचर से लेकर प्रिंसिपल तक नई टैक्नोलॉजी से लैस होंगे। वहीं विपक्ष के तेवर से लगता है कि इस बार शिक्षण सत्र शुरू होने से पहले बदलावों पर नए सियासी चैप्टर खुलेंगे।

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