शह मात The Big Debate: वंदेमातरम पर घमासान.. फिर हिंदू-मुसलमान! इंदौर में मुस्लिम पार्षद के बयान पर विवाद, आखिर राष्ट्रीय गीत पर मजहबी जिद क्यों?

वंदेमातरम पर घमासान.. फिर हिंदू-मुसलमान! इंदौर में मुस्लिम पार्षद के बयान पर विवाद, Controversy erupts over statement by Muslim councillor in Indore

शह मात The Big Debate: वंदेमातरम पर घमासान.. फिर हिंदू-मुसलमान! इंदौर में मुस्लिम पार्षद के बयान पर विवाद, आखिर राष्ट्रीय गीत पर मजहबी जिद क्यों?
Modified Date: April 9, 2026 / 11:53 pm IST
Published Date: April 9, 2026 11:53 pm IST

इंदौरः MP News देश राष्ट्रीय गीत वंदेमातरम की 100वीं वर्षगांठ मना रहा है, लेकिन इसे गाने को लेकर सियासी फसाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। इंदौर के इसके चलते गुरूवार को भारी बवाल मचा। नगर निगम परिषद की बैठक में एक मुस्लिम महिला पार्षद ने इसे गाने से इंकार कर दिया, जिस पर परिषद के अंदर ही सियासी आरोप-प्रत्यारोप की झड़ी लग गई। मामले ने इतना तूल पकड़ा की बात पुलिस थाने और FIR तक पहुंच गई।

MP News इंदौर नगर निगम परिषद के बजट सम्मेलन बुधवार को वंदेमातरम गायन को लेकर छिड़ी सियासी रार, बदस्तूर जारी है। दरअसल इंदौर नगर निगम में उस वक्त सियासी घमासान छिड़ गया। जब बीजेपी पार्षदों ने कांग्रेस की मुस्लिम पार्षद फौजिया शेख अलीम पर वंदेमातरम गाने से बचने के लिए लेट आने का आरोप लगाया और बीजेपी पार्षद वंदेमातरम के जयकारे लगाने लगे, लेकिन इसी बीच कांग्रेस पार्षद रुबीना इकबाल खान कूद पड़ीं। उन्होंने चुनौती दी कि कि किसी के बाप में दम हो तो वंदेमातरम कहलवा के दिखला दें। इसके बाद सदन में दोनों पक्षों के बीच तीखी नोंकझोंक जारी रही। सभापति ने कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम को एक दिन के लिए सदन से बाहर कर दिया। रुबीना और फौजिया शेख अलीम ने बाहर आकर अपने इस्लामी कायदे बताए और वंदेमातरम नहीं गाने का ऐलान किया।

अब वंदेमातरम को लेकर सूबे का सियासी टेम्प्रेचर हाई है। बीजेपी ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि-वंदेमातरम, शहीदों का अपमान करना कांग्रेस की पुरानी आदत है। वहीं वंदेमातरम पर बढ़ते फसाद के बीच कांग्रेस में अलग-अलग सुर सुनाई दे रहे हैं, जहां एक धड़े ने रूबीना से पल्ला झाड़ लिया है तो कांग्रेस नेता अमीनुल खान सूरी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए वंदेमातरम अनिवार्य किए जाने और रुबीना के खिलाफ कांग्रेस की कार्रवाई कोे तानाशाही बताया। सवाल ये कि वंदेमातरम् जो राष्ट्र की चेतना का मंत्र है, राष्ट्रीय गीत है। उस वंदेमातरम को गाने से मुस्लिम नेता बारंबार इनकार क्यों करते हैं? सवाल ये कि हर बात के लिए अगर संविधान की दुहाई दी जाती है तो फिर वंदेमातरम पर मजहबी जिद क्यों? सबसे बड़ा सवाल ये कि- वंदेमातरम का गायन आस्था का प्रश्न है या देशभक्ति का?

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सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।