मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए डिजिटल मंच की शुरुआत की गई

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मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए डिजिटल मंच की शुरुआत की गई

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  • Publish Date - May 7, 2026 / 05:21 PM IST,
    Updated On - May 7, 2026 / 05:21 PM IST

नयी दिल्ली, सात मई (भाषा) केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने लाभार्थियों की नियमित जानकारी, वास्तविक समय में निगरानी और अंतरसंचालनीय स्वास्थ्य अभिलेखों के माध्यम से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से एक डिजिटल मंच की शुरुआत की है।

स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक भारत के स्वास्थ्य भविष्य को आकार देने वाली नवाचार और समावेशिता सर्वोत्तम प्रथाओं विषय पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान ‘जननी’ (प्रसवपूर्व, प्रसव और नवजात एकीकृत देखभाल की यात्रा) डिजिटल मंच की शुरुआत की गई।

बयान के मुताबिक इसे प्रजनन आयु की महिलाओं के डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड की व्यापक रूप से निगरानी और रखरखाव के लिए डिज़ाइन किया गया है।

मंत्रालय ने बताया कि मौजूदा आरसीएच पोर्टल के उन्नत संस्करण के रूप में विकसित यह मंच, देखभाल की निरंतरता में प्रमुख सेवा वितरण कार्यकलापों को दर्ज करके एक दीर्घकालिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड बनाता है।

बयान के मुताबिक इस मंच का उद्देश्य मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की सुचारू निगरानी सुनिश्चित करना है, जिसमें प्रसवपूर्व देखभाल, प्रसव की तैयारी, प्रसव, प्रसवोत्तर देखभाल, नवजात शिशु देखभाल, घर आधारित नवजात शिशु एवं शिशु देखभाल और परिवार नियोजन शामिल हैं। निरंतर निगरानी और समय पर उपाय को सक्षम बनाकर, जननी सेवा वितरण को मजबूत करता है और हर चरण में देखभाल की निरंतरता सुनिश्चित करता है।

बयान के मुताबिक जननी की एक प्रमुख विशेषता क्यूआर-कोड वाले डिजिटल मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य (एमसीएच) कार्डों की शुरुआत है, जो स्वास्थ्य अभिलेखों तक आसान पहुंच और सुवाह्यता को सक्षम बनाते हैं।

मंत्रालय ने बताया कि इस मंच में उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं के लिए स्वचालित अलर्ट, पर्यवेक्षी समीक्षा के लिए वास्तविक समय के डैशबोर्ड और नियत-सूची निर्माण जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं, जो समय पर ट्रैकिंग, निगरानी और लक्षित उपायों को सक्षम बनाती हैं।

मंत्रालय ने बताया कि यह मंच आभा, आधार (ओटीपी और बायोमेट्रिक) और मोबाइल नंबर जैसे विशिष्ट पहचानकर्ताओं का उपयोग करके लाभार्थियों के पंजीकरण को सक्षम बनाता है, साथ ही अखिल भारतीय खोज सुविधा भी प्रदान करता है।

इसके मुताबिक मंच से प्रवासी आबादी के लिए स्वास्थ्य सेवा की निरंतरता सुनिश्चित होती है और रिकॉर्ड के दोहराव को रोका जा सकता है। यह वेब और मोबाइल के माध्यम से स्व-पंजीकरण की सुविधा भी प्रदान करता है, जिससे लाभार्थियों को अपनी स्वास्थ्य सेवा यात्रा में सक्रिय रूप से भाग लेने का अधिकार मिलता है।

भाषा धीरज रंजन

रंजन