राजस्थान में आर्थिक प्रगति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की जरूरत पर चर्चा

राजस्थान में आर्थिक प्रगति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की जरूरत पर चर्चा

राजस्थान में आर्थिक प्रगति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की जरूरत पर चर्चा
Modified Date: June 24, 2026 / 10:02 pm IST
Published Date: June 24, 2026 10:02 pm IST

जयपुर, 24 जून (भाषा) राजस्थान सरकार के अधिकारियों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और कार्यबल विशेषज्ञों ने बुधवार को कहा कि राज्य की आर्थिक प्रगति और कार्यबल विकास के लिए औपचारिक रोजगार में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना बेहद जरूरी है।

आईपीई ग्लोबल की ‘शीवर्क्स’ पहल के तहत जयपुर में ‘औपचारिक रोजगार में महिलाओं की भागीदारी को आगे बढ़ाना’ विषय पर आयोजित परामर्श कार्यक्रम के दौरान इसपर चर्चा हुई।

परामर्श बैठक में महिलाओं की भर्ती, कार्यस्थल पर समावेशन, सुरक्षा, करियर में उन्नति और रोजगार में बने रहने से जुड़ी चुनौतियों पर विशेष रूप से चर्चा की गई।

रोजगार निदेशालय के संयुक्त निदेशक राजकुमार मीणा ने कहा, ‘कार्यबल में महिलाओं को लेकर धारणा बदल रही है और विभिन्न उद्योगों में उनकी भागीदारी बढ़ाने के लिए कई नीतिगत और कानूनी उपाय लागू किए गए हैं।’

उन्होंने कहा कि रात्रिकालीन पाली में महिलाओं की सुरक्षा से संबंधित हालिया प्रावधान और रोजगार मेलों के आयोजन से महिलाओं के लिए कार्यबल में शामिल होने के नए अवसर सृजित होंगे।

आईपीई ग्लोबल में महिला आर्थिक स्वतंत्रता मामलों की प्रमुख रेखा मेनन ने कहा कि औपचारिक रोजगार में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए आवाजाही संबंधी बाधाओं, कार्यस्थल की सुरक्षा संबंधी चिंताओं और सामाजिक मान्यताओं जैसी चुनौतियों को दूर करने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है।

राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम (आरएसएलडीसी) के प्रबंध निदेशक ऋषव मंडल ने कहा कि राजस्थान के विकास लक्ष्यों को हासिल करने के लिए कौशल अंतर (स्किल गैप) के साथ-साथ महिलाओं के रोजगार विकल्पों को सीमित करने वाली सामाजिक एवं सांस्कृतिक बाधाओं को भी दूर करना होगा।

‘शीवर्क्स’ पहल राज्य में महिलाओं के लिए कौशल विकास से लेकर वेतनयुक्त रोजगार तक के मार्ग को मजबूत बनाने के प्रयासों को समर्थन दे रही है।

भाषा बाकोलिया जोहेब

जोहेब


लेखक के बारे में