नयी दिल्ली, पांच अप्रैल (भाषा) जनगणना के पहले चरण के समापन के दो महीने बाद, स्थानीय निकायों के सरकारी अधिकारी 784 जिलों में नागरिक सुविधाओं पर विस्तृत आंकड़ा एकत्र करेंगे ताकि देश की जिला जनगणना पुस्तिका (डीसीएचबी) तैयार की जा सके, जिसमें गांव और शहर स्तर पर नागरिक बुनियादी ढांचे का व्यापक रिकॉर्ड होगा।
महापंजीयक और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को लिखे एक पत्र में उनसे जनगणना 2027 के पहले चरण – गृह सूचीकरण और आवास जनगणना – के पूरा होने के दो महीने बाद पुस्तिका के लिए क्षेत्र कार्य शुरू करने और इसे 30 दिनों के भीतर पूरा करने के लिए कहा है।
इस पुस्तिका में स्कूल, अस्पताल, जल निकासी व्यवस्था, बिजली कनेक्शन, सड़कें, बैंक और दर्जनों अन्य सुविधाओं का विवरण होता है। उसमें न केवल यह बताया जाता है कि ऐसी कोई सुविधा मौजूद है या नहीं, बल्कि यह भी बताया जाता है कि यदि वह सुविधा मौजूद नहीं है तो निवासियों को कितनी दूर यात्रा करनी पड़ेगी।
सन् 1951 में स्वतंत्रता के बाद आयोजित पहली जनगणना से लगातार प्रकाशित हो रही इस पुस्तिका में कार्यप्रणाली में इस बार महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेगा। पहली बार, डेटा कागज़ी अनुसूचियों के बजाय एक मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से एकत्र किया जाएगा।
पत्र में कहा गया है, ‘‘डीसीएचबी जनगणना संचालन का एक अभिन्न अंग है और इसे प्रत्येक जिले के लिए अलग से तैयार किया जाता है। इसमें प्रमुख जनसांख्यिकीय और सामाजिक-आर्थिक विशेषताओं के साथ-साथ जिले के प्रत्येक गांव और कस्बे में नागरिक सुविधाओं और बुनियादी ढांचे की उपलब्धता के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाती है।’’
भाषा राजकुमार प्रशांत
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