द्रमुक सांसद राजा ने ऑडियो क्लिप को लेकर यूट्यूब चैनल को कानूनी नोटिस भेजा
द्रमुक सांसद राजा ने ऑडियो क्लिप को लेकर यूट्यूब चैनल को कानूनी नोटिस भेजा
चेन्नई, पांच अप्रैल (भाषा) द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) के वरिष्ठ नेता ए राजा ने उनसे जुड़ी एक विवादित ऑडियो क्लिप को लेकर एक यूट्यूब चैनल को कानूनी नोटिस जारी किया और दावा किया कि यह रिकॉर्डिंग कृत्रिम मेधा (एआई) का इस्तेमाल कर बनाई गई फर्जी रचना है, जिसमें चुनिंदा हिस्सों को जोड़कर भ्रामक तरीके से पेश किया गया है।
उन्होंने अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के महासचिव ई.के. पलानीस्वामी की भी आलोचना की और कहा कि उन्होंने इस अप्रमाणित ऑडियो क्लिप का सहारा लेकर द्रमुक के दिवंगत नेता एम. करुणानिधि और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन के खिलाफ मानहानिकारक टिप्पणियां कीं।
राजा ने शनिवार को सोशल मीडिया पर कड़े शब्दों में कहा कि यह ऑडियो एआई तकनीक का इस्तेमाल कर “गढ़ी” गई है, ताकि उनके कथनों को तोड़-मरोड़कर गलत ढंग से पेश किया जा सके।
लोकसभा सदस्य ने कहा, ‘‘ऑडियो क्लिप को इस तरह प्रसारित किया गया मानो मैंने ही बोला हो। इसे काट-छांट कर कृत्रिम मेधा का उपयोग करके बनाया गया है ताकि एक झूठी कहानी गढ़ी जा सके। मैंने इस संबंध में अपने वकील के माध्यम से कानूनी नोटिस भेजा है।’’
राजा ने कहा कि चुनावी फायदे के लिए इस रिकॉर्डिंग का सहारा लेना पलानीस्वामी की ‘‘अशोभनीय और अनैतिक राजनीति’’ को दर्शाता है।
हाल ही में सोशल मीडिया पर सामने आए विवादित ऑडियो क्लिप में राजा कथित तौर पर द्रमुक नेतृत्व और पार्टी के आंतरिक गठजोड़ के बारे में अपमानजनक टिप्पणियां करते सुनाई दे रहे हैं।
दो हिस्सों में प्रसारित इन क्लिप में यह संकेत देने की कोशिश की गई है कि मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन नेतृत्व के लिए “उपयुक्त नहीं” हैं, और इनमें 2जी स्पेक्ट्रम मामले से जुड़े संवेदनशील दावे भी शामिल बताए गए हैं।
सबसे विवादास्पद बात यह है कि ऑडियो में यह आरोप भी लगाया गया है कि अपने अंतिम दिनों में एम. करुणानिधि के साथ दुर्व्यवहार हुआ या उन्हें “घर में नजरबंद” रखा गया-इसी दावे के आधार पर पलानीस्वामी ने सत्ता में आने पर पूर्व मुख्यमंत्री की मौत की नए सिरे से जांच कराने की मांग की है।
भाषा तान्या खारी
खारी

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