डीएमआरसी का चौथे चरण के प्रमुख कॉरिडोर को दिसंबर तक शुरू करने का लक्ष्य

डीएमआरसी का चौथे चरण के प्रमुख कॉरिडोर को दिसंबर तक शुरू करने का लक्ष्य

डीएमआरसी का चौथे चरण के प्रमुख कॉरिडोर को दिसंबर तक शुरू करने का लक्ष्य
Modified Date: May 22, 2026 / 05:35 pm IST
Published Date: May 22, 2026 5:35 pm IST

(श्रुति भारद्वाज)

नयी दिल्ली, 22 मई (भाषा) डीएमआरसी के प्रबंध निदेशक विकास कुमार ने शुक्रवार को कहा कि राष्ट्रीय राजधानी को इस वर्ष के अंत तक तीन नए मेट्रो कॉरिडोर मिलेंगे।

तीन नए मेट्रो कॉरिडोर हैं: मैजेंटा लाइन का जनकपुरी पश्चिम-आरके आश्रम मार्ग विस्तार, एयरोसिटी-तुगलकाबाद कॉरिडोर और पिंक लाइन का मजलिस पार्क-मौजपुर विस्तार।

दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (डीएमआरसी) प्रमुख ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि ये नए कॉरिडोर चौथे चरण का हिस्सा हैं, जिन्हें दिसंबर तक चालू कर दिया जाएगा।

कुमार ने कहा कि चौथे चरण के तहत तीन अतिरिक्त कॉरिडोर को भी हाल ही में मंजूरी मिल गई है, जिससे परियोजना का दायरा और बढ़ गया है।

उन्होंने कहा कि चौथे चरण के तहत स्वीकृत इन नए कॉरिडोर में इंद्रलोक-इंद्रप्रस्थ कॉरिडोर, लाजपत नगर-साकेत जी ब्लॉक कॉरिडोर और रिठाला-नरेला-नाथूपुर विस्तार शामिल हैं, जिनके अनुमोदन, भूमि अधिग्रहण और निर्माण प्रगति के आधार पर 2029 के आसपास पूरा होने की उम्मीद है।

प्रस्तावित पांचवे चरण के विस्तार पर कुमार ने कहा कि डीएमआरसी ने दिल्ली मेट्रो के पांचवे चरण (ए) के हिस्से के रूप में आरके आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ, एयरोसिटी से आईजीडी एयरपोर्ट टी-1 और तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज तक के लिए 2028 का लक्ष्य पहले ही निर्धारित कर लिया है।

उन्होंने कहा कि पांचवे चरण(बी) के अंतर्गत सात और कॉरिडोर – ढांसा बस स्टैंड से नांगलोई, केंद्रीय सचिवालय से किशनगढ़, समयपुर बादली से नरेला डीडीए खेल परिसर, कीर्ति नगर से पालम, जोर बाग से मीठापुर, मयूर विहार फेज-3 से शास्त्री पार्क और केशव पुरम से रोहिणी सेक्टर 34 तक के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर केंद्र को सौंप दी गई है।

कुमार ने कहा कि प्रस्तावित चरण 5बी नेटवर्क में दिल्ली के भीतर लगभग 97.158 किलोमीटर की दूरी को कवर करने वाले लगभग सात कॉरिडोर शामिल होने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा, ‘यह एक बड़ी परियोजना है और इसमें अधिकतर ऐसे क्षेत्र शामिल हैं जिन पर अभी तक काम नहीं हुआ है। कुछ वैकल्पिक मार्ग और कई इंटरचेंज की भी योजना बनाई जा रही है।’

हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि यह प्रस्ताव अभी भी योजना चरण में है और अंतिम संरेखण और कॉरिडोर सरकार से मिलने वाली मंजूरी पर निर्भर करेंगे।

भाषा तान्या पवनेश

पवनेश


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