डीएमआरसी ने केंद्रीय सचिवालय स्टेशन पर सेंट्रल विस्टा मेट्रो कॉरिडोर के लिए निर्माण कार्य शुरू किया

डीएमआरसी ने केंद्रीय सचिवालय स्टेशन पर सेंट्रल विस्टा मेट्रो कॉरिडोर के लिए निर्माण कार्य शुरू किया

डीएमआरसी ने केंद्रीय सचिवालय स्टेशन पर सेंट्रल विस्टा मेट्रो कॉरिडोर के लिए निर्माण कार्य शुरू किया
Modified Date: June 24, 2026 / 03:31 pm IST
Published Date: June 24, 2026 3:31 pm IST

नयी दिल्ली, 24 जून (भाषा) दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने बुधवार को आगामी सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर के लिए केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया। लगभग 10 किलोमीटर लंबा यह भूमिगत कॉरिडोर प्रमुख सरकारी और प्रशासनिक केंद्रों तक बेहतर संपर्क सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से बनाया जा रहा है।

यह स्टेशन पांचवें चरण (ए) के अंतर्गत मौजूदा मेजेंटा लाइन के जनकपुरी पश्चिम से आर के आश्रम मार्ग के विस्तार के तहत विकसित किया जा रहा है। इस मौके पर केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर और डीएमआरसी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

खट्टर ने इस मौके पर कहा कि इस कॉरिडोर से हजारों कर्मचारियों और आगंतुकों को आवागमन में आसानी होगी तथा प्रमुख मेट्रो लाइनों से एकीकरण के साथ यात्रा को अधिक सुगम और सुविधाजनक बनाया जा सकेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘इस महत्वपूर्ण परियोजना से यात्रियों के बहुमूल्य आवागमन समय की बचत होगी, उनकी यात्रा को अधिक सुविधाजनक बनाया जायेगा और डीएमआरसी के नेटवर्क को विश्वस्तरीय सार्वजनिक परिवहन प्रणाली के रूप में और अधिक सशक्त बनाया जा सकेगा।’’

डीएमआरसी के अनुसार यह कॉरिडोर 9.913 किलोमीटर लंबा होगा और इसमें नौ भूमिगत स्टेशन शिवाजी स्टेडियम, युग युगीन भारत, केंद्रीय सचिवालय, कर्तव्य भवन, इंडिया गेट, युद्ध स्मारक-उच्च न्यायालय, बड़ौदा हाउस, भारत मंडपम और इंद्रप्रस्थ हैं।

निर्माण कार्य पूरा होने के बाद केंद्रीय सचिवालय स्टेशन पर तीन लाइन के लिए ट्रेन बदलने की सुविधा होगी, जिससे मौजूदा येलो और वायलेट लाइनों साथ ही नयी मेजेंटा लाइन के स्टेशनों के बीच भी संपर्क उपलब्ध होगा।

डीएमआरसी ने कहा कि यह विशिष्ट सुविधा सरकारी कर्मचारियों और लुटियंस जोन तथा आसपास के प्रशासनिक क्षेत्रों में आने-जाने वाले यात्रियों के लिए बहुत फायदेमंद साबित होगी।

इस कॉरिडोर का उद्देश्य सेंट्रल विस्टा क्षेत्र में स्थित प्रमुख सरकारी कार्यालयों, न्यायिक संस्थानों, राष्ट्रीय स्मारकों और सम्मेलन केंद्रों तक मेट्रो पहुंच को बेहतर बनाना है।

भाषा

देवेंद्र वैभव

वैभव


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