दिल्ली के चिकित्सकों ने एक ही बार में हृदय की बाईपास और फेफड़े के कैंसर की रोबोटिक सर्जरी की

दिल्ली के चिकित्सकों ने एक ही बार में हृदय की बाईपास और फेफड़े के कैंसर की रोबोटिक सर्जरी की

दिल्ली के चिकित्सकों ने एक ही बार में हृदय की बाईपास और फेफड़े के कैंसर की रोबोटिक सर्जरी की
Modified Date: June 22, 2026 / 10:16 pm IST
Published Date: June 22, 2026 10:16 pm IST

नयी दिल्ली, 22 जून (भाषा) दिल्ली के अस्पताल ने हृदय की धमनियों में रुकावट और फेफड़े के कैंसर से पीड़ित 66 वर्षीय व्यक्ति की एक बार में हृदय की बाईपास और फेफड़े की रॉबोटिक सर्जरी की।

अस्पताल के बयान के मुताबिक, मरीज के ह्रदय की धमनियों में गंभीर रुकावट और फेफड़े के ऊपरी हिस्से में कैंसर था तथा मरीज को सांस लेने में लगातार तकलीफ हो रही थी।

द्वारका स्थित एचसीएमसीटी मणिपाल अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया कि यह एक बेहद जटिल मामला था, क्योंकि हृदय और फेफड़े छाती की गुहा (कैविटी) में आपस में जुड़े हुए होते हैं। इसलिए एक हिस्से का ऑपरेशन करने से दूसरे हिस्से की कार्यप्रणाली और उसके स्वस्थ होने की प्रक्रिया पर गहरा असर पड़ सकता था।

बयान के मुताबिक, अस्पताल के ‘कार्डियक साइंस और कैंसर केयर’ विभाग की टीम ने एक साथ हाइब्रिड तरीके से ऑपरेशन करने का निर्णय लिया और एक घंटे से भी कम समय के अंतराल में एक के बाद एक, दोनों सर्जरी एक साथ की गईं।

इसमें बताया गया कि सबसे पहले चिकित्सकों ने हृदय की बाईपास सर्जरी कर ब्लॉक हुई धमनियों का इलाज किया और इसके बाद ‘दा विंची सर्जिकल सिस्टम’ की मदद से रोबोटिक प्रक्रिया द्वारा फेफड़े के कैंसरग्रस्त हिस्से को निकाला गया।

चिकित्सकों के मुताबिक, दोनों गंभीर बीमारियों का एक साथ इलाज करना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन ऑपरेशन के बाद की सावधानीपूर्वक देखभाल के चलते मरीज की स्थिति में अच्छा सुधार हुआ और स्वस्थ होने पर उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

अस्पताल में ‘मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियक साइंसेज’ के प्रमुख डॉ. युगल किशोर मिश्रा ने कहा, ‘‘यह बहुत कठिन सर्जरी थी। दोनों ही समस्याओं के लिए तुरंत इलाज जरूरी था। ‘कोरोनरी आर्टरी डिजीज’ ने कैंसर सर्जरी का जोखिम काफी बढ़ा दिया था। कैंसर के इलाज में भी देर नहीं की जा सकती थी। इसलिए मरीज की जांच करने के बाद हमारी टीम ने फैसला किया कि ये दोनों सर्जरी एक साथ की जाएंगी। इससे हमें एक ही बार में दोनों बीमारियों का सफल इलाज करने में मदद मिली।

‘मणिपाल कंप्रिहेंसिव कैंसर सेंटर एवं ऑन्को रोबोटिक सर्जरी, नॉर्थवेस्ट क्लस्टर’ के अध्यक्ष डॉ. सुरेंदर कुमार डबास ने कहा कि कैंसर रोग अपने आप में बेहद चुनौतीपूर्ण होता है और अगर इसके साथ उतनी ही गंभीर दूसरी समस्या भी हो, तो स्थिति और ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो जाती है।

भाषा नोमान नोमान दिलीप

दिलीप


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