निजी प्रैक्टिस पर रोक के बाद त्रिपुरा के सबसे बड़े अस्पताल के चिकित्सकों ने वेतन वृद्धि की मांग की

निजी प्रैक्टिस पर रोक के बाद त्रिपुरा के सबसे बड़े अस्पताल के चिकित्सकों ने वेतन वृद्धि की मांग की

निजी प्रैक्टिस पर रोक के बाद त्रिपुरा के सबसे बड़े अस्पताल के चिकित्सकों ने वेतन वृद्धि की मांग की
Modified Date: June 29, 2026 / 02:09 pm IST
Published Date: June 29, 2026 2:09 pm IST

अगरतला, 29 जून (भाषा) अगरतला सरकारी मेडिकल कॉलेज और जीबीपी अस्पताल के चिकित्सकों ने कहा कि वे हाल ही में निजी प्रैक्टिस पर लगाए गए प्रतिबंध के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन सेवा नियमों में संशोधन, वेतन संरचना में बदलाव और समयबद्ध पदोन्नति सहित उनकी मांगों को भी पूरा किया जाना चाहिए।

अगरतला मेडिकल कॉलेज शिक्षक फोरम के अध्यक्ष डॉ. तपन मजूमदार ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि चूंकि सरकार राज्य के सबसे बड़े अस्पताल को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की तर्ज पर विकसित करना चाहती है, इसलिए वहां के चिकित्सकों के वेतनमान और अन्य सुविधाएं भी उसी के अनुरूप होनी चाहिए।

सरकार के इस फैसले से संस्थान में कार्यरत करीब 350 चिकित्सक प्रभावित हुए हैं। उन्होंने रविवार से निजी क्लीनिकों में मरीज देखना बंद कर दिया है, जिससे मरीजों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

इस बीच, ऑल त्रिपुरा गवर्नमेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन, अगरतला मेडिकल कॉलेज शिक्षक फोरम और भारतीय चिकित्सा संघ की आपात बैठक आयोजित की गई।

मजूमदार ने कहा, “बैठक में हमने निर्णय लिया कि हम मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य सेवाओं के सचिव से मिलकर सरकार के फैसले से जुड़ी अपनी समस्याओं को उठाएंगे।”

उन्होंने कहा कि चिकित्सक निजी प्रैक्टिस पर लगाए गए प्रतिबंध के विरोध में नहीं हैं, लेकिन वे उम्मीद करते हैं कि सरकार उनकी लंबित सेवा-संबंधी मांगों को भी पूरा करेगी।

ऑल त्रिपुरा गवर्नमेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन महासचिव डॉ. कनक चौधरी ने कहा कि चिकित्सक जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए प्रतिबद्ध हैं।

उन्होंने कहा, “वर्तमान में मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य सेवाओं के सचिव दोनों राज्य से बाहर हैं। उनके लौटने के बाद हम उनसे मिलकर अपनी समस्याएं रखेंगे और जल्द से जल्द समाधान की उम्मीद करते हैं।”

भाषा तान्या वैभव

वैभव


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