शिक्षा को पैसे कमाने का उत्पाद न समझें : बंगाल के मुख्यमंत्री ने निजी संस्थानों से कहा
शिक्षा को पैसे कमाने का उत्पाद न समझें : बंगाल के मुख्यमंत्री ने निजी संस्थानों से कहा
कोलकाता, पांच जुलाई (भाषा) पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने उच्च शिक्षा में गुणवत्ता बनाए रखने के बारे में कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि निजी संस्थानों को अपने ‘‘निवेश’’ पर मुनाफा कमाते समय शिक्षा को सिर्फ पैसे कमाने का उत्पाद नहीं समझना चाहिए।
शनिवार शाम नागरिक समाज के सदस्यों से बातचीत के दौरान राज्य में विदेशी विश्वविद्यालयों को आकर्षित करने से जुड़े एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार किसी भी प्रतिष्ठित विदेशी विश्वविद्यालय के अच्छे प्रस्ताव पर विचार करने के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम एक ‘एजुकेशन सिटी’ के बारे में सोच सकते हैं, जहां कई उच्च शिक्षण संस्थान हों। वहां सरकारी और निजी, दोनों तरह के विश्वविद्यालय हो सकते हैं। हम विदेशी विश्वविद्यालयों को भी आमंत्रित कर सकते हैं। अगर नामी विदेशी विश्वविद्यालय कोई अच्छा प्रस्ताव लेकर आते हैं, तो हम उस पर विचार करने के लिए तैयार हैं।’’
हालांकि, शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि सिर्फ नामी संस्थानों को आकर्षित करना ही काफी नहीं होगा और उन्होंने उच्च शिक्षा के व्यावसायीकरण तथा कई निजी संस्थानों में पढ़ाई के स्तर में कथित गिरावट की कड़ी आलोचना की।
उन्होंने कहा, ‘‘निजी शिक्षण संस्थानों ने भारी निवेश किया है और स्वाभाविक रूप से वे मुनाफे की उम्मीद करते हैं। लेकिन शिक्षा को सिर्फ पैसे कमाने का उत्पाद नहीं समझना चाहिए।’’
भाषा शफीक नेत्रपाल
नेत्रपाल

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