कोविड-19 से रोकथाम के लिए तीन टीकों पर औषधि नियामक गंभीरता से कर रहा विचार : स्वास्थ्य मंत्रालय

कोविड-19 से रोकथाम के लिए तीन टीकों पर औषधि नियामक गंभीरता से कर रहा विचार : स्वास्थ्य मंत्रालय

कोविड-19 से रोकथाम के लिए तीन टीकों पर औषधि नियामक गंभीरता से कर रहा विचार : स्वास्थ्य मंत्रालय
Modified Date: November 29, 2022 / 08:42 pm IST
Published Date: December 8, 2020 12:40 pm IST

नयी दिल्ली, आठ दिसंबर (भाषा) केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि औषधि क्षेत्र का नियामक कोविड-19 के तीन टीकों पर गंभीरता से विचार-विमर्श कर रहा है और उनमें से सभी को या किसी को जल्द लाइसेंस दिए जाने की संभावना है।

मंत्रालय ने बताया कि कोविड-19 टीकाकरण की तैयारी के संबंध में को-विन सॉफ्टवेयर पर अग्रिम मोर्चे के स्वास्थ्यकर्मियों के बारे में आंकड़ा अपलोड किया जा रहा है। स्वास्थ्यकर्मियों, अग्रिम मोर्चे पर काम करने वाले कर्मियों के लिए तीन करोड़ कोविड-19 टीके की पहली खेप को भंडारित करने के वास्ते मौजूदा शीत भंडारण की व्यवस्था पर्याप्त है।

मंत्रालय ने कहा कि एनईजीवीएसी ने सिफारिश की है कि कोविड-19 टीकाकरण में एक करोड़ स्वास्थ्यकर्मियों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम के तहत 2.38 लाख एएनएम टीकाकरण में हिस्सा लेती हैं, कोविड-19 टीकाकरण के लिए 1.54 लाख एएनएम का इस्तेमाल होगा।

मंत्रालय ने बताया कि देश में अब तक कोविड-19 की 14.8 करोड़ से ज्यादा जांच हो चुकी है और संक्रमण दर भी घटकर 6.5 प्रतिशत हो गयी है। देश में कोविड-19 के कुल उपचाराधीन मरीजों में 54 प्रतिशत मरीज महाराष्ट्र, केरल, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, दिल्ली के हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि मध्य सितंबर के बाद से भारत में कोविड-19 के मामलों में गिरावट आ रही है जबकि कई देशों में संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।

गौरतलब है कि भारत में पिछले 24 घंटे में करीब पांच महीने बाद मंगलवार को कोविड-19 के 27 हजार से कम नए मामले सामने आए। इसके साथ देश में संक्रमण के मामले बढ़कर 97 लाख के पार चले गए, जिनमें से 91.78 लाख से अधिक लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं।

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से सुबह आठ बजे जारी किए गए अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, कोविड-19 के 26,567 नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमण के मामले बढ़कर 97,03,770 हो गए। वहीं 385 और लोगों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 1,40,958 हो गई।

भाषा आशीष पवनेश

पवनेश


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