आई-पैक कार्यालय में छापेमारी को बाधित करने के मामले में ईडी ने कलकत्ता उच्च न्यायालय का रुख किया

आई-पैक कार्यालय में छापेमारी को बाधित करने के मामले में ईडी ने कलकत्ता उच्च न्यायालय का रुख किया

आई-पैक कार्यालय में छापेमारी को बाधित करने के मामले में ईडी ने कलकत्ता उच्च न्यायालय का रुख किया
Modified Date: January 8, 2026 / 07:09 pm IST
Published Date: January 8, 2026 7:09 pm IST

कोलकाता, आठ जनवरी (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोयला तस्करी से जुड़े धनशोधन मामले में राजनीतिक परामर्श कंपनी आई-पैक के कार्यालय और इसके प्रमुख प्रतीक जैन के आवास पर छापेमारी की कार्रवाई को कथित तौर पर बाधित करने के खिलाफ कलकत्ता उच्च न्यायालय का रुख किया है। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।

ईडी द्वारा आई-पैक निदेशक और उसके कार्यालय पर की जा रही छापेमारी के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नाटकीय ढंग से मौके पर पहुंच गई थीं। बनर्जी ने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसी तृणमूल के आंतरिक दस्तावेजों, हार्ड डिस्क और उसकी चुनाव रणनीति से जुड़े संवेदनशील डेटा को जब्त करने का प्रयास कर रही थी।

आई-पैक तृणमूल को राजनीतिक परामर्श सेवा मुहैया कराने के अलावा, पार्टी के आईटी और मीडिया प्रकोष्ठ का कामकाज भी देखता है।

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ईडी के अधिवक्ता ने इस मामले का विशेष उल्लेख न्यायमूर्ति शुभ्रा घोष के समक्ष किया और अदालत से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जांच बिना किसी बाधा के आगे बढ़े।

मामले से जुड़े एक अधिवक्ता ने बताया कि अदालत ने एजेंसी को याचिका दायर करने की अनुमति दे दी है। इस पर जल्द ही सुनवाई होने की संभावना है।

ईडी ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री, जैन के आवास में दाखिल हो गईं और दस्तावेजों, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों सहित महत्वपूर्ण सबूत अपने साथ ले गईं।

एजेंसी ने दावा किया कि मुख्यमंत्री अपने सहयोगियों और पुलिस कर्मियों के साथ आई-पैक कार्यालय भी गईं, जहां से दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को जबरन हटा दिया गया।

भाषा धीरज सुरेश

सुरेश


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