सीएमआरएल धनशोधन मामले में एसएफआईओ के दस्तावेज़ प्राप्त करने के लिए ईडी ने अदालत का रुख किया

सीएमआरएल धनशोधन मामले में एसएफआईओ के दस्तावेज़ प्राप्त करने के लिए ईडी ने अदालत का रुख किया

सीएमआरएल धनशोधन मामले में एसएफआईओ के दस्तावेज़ प्राप्त करने के लिए ईडी ने अदालत का रुख किया
Modified Date: June 7, 2026 / 11:55 am IST
Published Date: June 7, 2026 11:55 am IST

कोच्चि, सात जून (भाषा) सीएमआरएल से जुड़े और केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की बेटी वीणा टी से संबंधित धनशोधन मामले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय ने मामले की जांच के दौरान एसएफआईओ द्वारा एकत्र किए गए दस्तावेजों तक पहुंच प्राप्त करने के लिए यहां एक अदालत में याचिका दायर की है।

प्रवर्तन निदेशालय ने कोच्चि में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की विशेष अदालत में एक याचिका दायर की है, जिसमें उसने गंभीर कपट जांच कार्यालय (एसएफआईओ) द्वारा एकत्र किए गए दस्तावेजों की प्रतियां मांगी हैं। एसएफआईओ ने उन कथित ‘फर्जी’ खर्चों की जांच की थी, जिन्हें कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) ने आयकर निपटान आयोग के समक्ष स्वीकार किया था।’’

ईडी के सूत्रों के अनुसार, एजेंसी ने जिन दस्तावेजों की मांग की है उनमें एक्सालॉजिक्स सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड से संबंधित रिकॉर्ड भी शामिल हैं। यह कंपनी वीणा के स्वामित्व वाली है और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) परामर्श सेवाएं प्रदान करने का कार्य करती थी।

ईडी ने अदालत से अनुरोध किया है कि वह एसएफआईओ को जांच के दौरान एकत्र किए गए दस्तावेजों की प्रतियां उपलब्ध कराने का निर्देश दे। याचिका पर अगले सप्ताह सुनवाई की संभावना है।

ईडी की जांच इन आरोपों से संबंधित है कि सीएमआरएल ने एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड को बिना कोई सेवा प्राप्त किए 2.78 करोड़ रुपये का भुगतान किया।

ईडी के अनुसार, सीएमआरएल के प्रबंध निदेशक शशिधरन कार्था द्वारा संचालित एक अन्य कंपनी ‘एम्पावर इंडिया कैपिटल इन्वेस्टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड’ (ईआईसीपीएल) ने एक्सालॉजिक को 50 लाख रुपये के ऋण दिए थे, जबकि कंपनी कथित तौर पर समय पर भुगतान करने में विफल रही थी।

एजेंसी ने आरोप लगाया है कि कार्था और वीणा के नेतृत्व वाली सीएमआरएल के प्रबंधन ने इन लेन-देन के माध्यम से ‘अपराध की आय’ अर्जित की।

ईडी ने अप्रैल 2025 में एर्नाकुलम की एक अदालत में एसएफआईओ द्वारा दायर अभियोजन शिकायत के आधार पर पीएमएलए का मामला दर्ज किया।

एसएफआईओ कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय की जांच शाखा है।

जनवरी 2019 में आयकर विभाग द्वारा की गई छापेमारी के बाद सीएमआरएल केंद्रीय एजेंसियों की जांच के दायरे में आ गया, जिसमें कथित तौर पर अनियमितताएं पाई गईं, जिनमें कुछ ऐसे खर्च भी शामिल थे जिन पर काल्पनिक होने का संदेह था और जिनकी राशि लगभग 130 करोड़ रुपये थी।

भाषा शोभना वैभव

वैभव


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