प. बंगाल कोयला ‘घोटाला’ मामले में ईडी ने आई-पैक के अधिकारियों, विजय नायर के परिसरों पर छापे मारे

प. बंगाल कोयला ‘घोटाला’ मामले में ईडी ने आई-पैक के अधिकारियों, विजय नायर के परिसरों पर छापे मारे

प. बंगाल कोयला ‘घोटाला’ मामले में ईडी ने आई-पैक के अधिकारियों, विजय नायर के परिसरों पर छापे मारे
Modified Date: April 2, 2026 / 05:20 pm IST
Published Date: April 2, 2026 5:20 pm IST

नयी दिल्ली, दो अप्रैल (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पश्चिम बंगाल में कथित कोयला ‘‘घोटाला’’ मामले में राजनीतिक परामर्श फर्म आई-पैक के एक अधिकारी, आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व संचार प्रभारी विजय नायर और कुछ अन्य लोगों से जुड़े परिसरों पर बृहस्पतिवार को नए सिरे से छापेमारी की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि ये छापेमारी धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत बेंगलुरु, हैदराबाद, मुंबई और दिल्ली में विभिन्न स्थानों पर की जा रही हैं।

उन्होंने बताया कि बेंगलुरु में आई-पैक के सह-संस्थापक और निदेशक ऋषि राज सिंह का परिसर और मुंबई में नायर का परिसर भी इसके दायरे में आते हैं।

संघीय जांच एजेंसी ने जनवरी में इस मामले में आई-पैक कार्यालय और इसके संस्थापक एवं निदेशकों में से एक प्रतीक जैन के कोलकाता स्थित आवास पर छापेमारी की थी। सिंह और जैन को हाल में ईडी ने बयान दर्ज कराने के लिए तलब किया था।

उन्होंने पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में जारी चुनाव कार्यों का हवाला देते हुए उन्हें जारी किए गए नोटिस को रद्द करने का अनुरोध करते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है।

ईडी का मामला सीबीआई की नवंबर 2020 की प्राथमिकी से जुड़ा है, जिसमें पश्चिम बंगाल के आसनसोल और उसके आसपास के कुनुस्तोरिया और काजोरा क्षेत्रों में स्थित ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की खदानों से संबंधित कई करोड़ रुपये के कोयले की चोरी के घोटाले का आरोप लगाया गया था।

एजेंसी ने एक बयान में कहा था कि इस कथित कोयला तस्करी गिरोह से जुड़े एक हवाला ऑपरेटर ने आई-पैक की पंजीकृत कंपनी इंडियन पीएसी कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड को करोड़ों रुपये के लेनदेन में सहायता प्रदान की थी।

ईडी ने आरोप लगाया था, ‘‘आई-पैक भी हवाला धन से जुड़ी संस्थाओं में से एक है।’’

धन शोधन रोधी एजेंसी ने पहले दावा किया था कि पश्चिम बंगाल में कोयले की कथित चोरी से प्राप्त हवाला कोष के लगभग 20 करोड़ रुपये आई-पैक तक पहुंच गए थे।

यह संगठन 2021 से तृणमूल कांग्रेस और पश्चिम बंगाल सरकार को राजनीतिक परामर्श सेवाएं प्रदान कर रहा है।

ईडी अधिकारियों ने बताया कि 20 करोड़ रुपये के ये हवाला कोष मुंबई स्थित ‘अंगदिया’ फर्म द्वारा हस्तांतरित किए गए थे जो आम आदमी पार्टी से जुड़े दिल्ली शराब ‘‘घोटाले’’ की जांच के दौरान एजेंसी के निशाने पर आई थी।

एजेंसी ने आरोप लगाया कि आप ने दिल्ली आबकारी नीति ‘‘घोटाले’’ से प्राप्त 45 करोड़ रुपये की राशि अपने 2022 के गोवा विधानसभा चुनाव अभियान के लिए इस्तेमाल की थी।

एजेंसी ने दावा किया कि जैन गोवा में आई-पैक के संचालन का जिम्मा संभालते थे।

दिल्ली की एक अदालत ने हाल में आबकारी मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, नायर और 19 अन्य आरोपियों को बरी कर दिया है। सीबीआई ने आबकारी मामले में जांच की थी।

ईडी ने दावा किया था कि कोलकाता में आई-पैक और जैन के खिलाफ उसकी छापेमारी के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बाधा डाली थी और संबंधित दस्तावेज और उपकरण जबरन छीन लिए थे।

ईडी ने मुख्यमंत्री द्वारा सत्ता के इस ‘‘घोर दुरुपयोग’’ के मामले में उच्चतम न्यायालय से सीबीआई जांच का अनुरोध किया है, जो फिलहाल इस मामले की सुनवाई कर रहा है।

भाषा सुरभि नरेश

नरेश


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