Raghav Chadha News : राघव चड्ढा अब राज्यसभा में नहीं निभाएंगे डिप्टी लीडर की भूमिका, पार्टी ने सचिवालय को लिखा पत्र, जानें क्या होती है इस पद की पावर

आम आदमी पार्टी ने सांसद Raghav Chadha को राज्यसभा में डिप्टी लीडर के पद से हटा दिया है। पार्टी ने Rajya Sabha Secretariat को पत्र लिखकर उन्हें सदन में बोलने के लिए समय न देने का अनुरोध भी किया है।

Raghav Chadha News : राघव चड्ढा अब राज्यसभा में नहीं निभाएंगे डिप्टी लीडर की भूमिका, पार्टी ने सचिवालय को लिखा पत्र, जानें क्या होती है इस पद की पावर

Raghav Chadha News / Image Source : X

Modified Date: April 2, 2026 / 06:50 pm IST
Published Date: April 2, 2026 6:47 pm IST
HIGHLIGHTS
  • आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा को राज्यसभा में डिप्टी लीडर पद से हटाया।
  • अब अशोक कुमार मित्तल यह जिम्मेदारी संभालेंगे।
  • पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय से राघव चड्ढा को बोलने का समय न देने की मांग की।

नई दिल्ली : Raghav Chadha News आम आदमी पार्टी (AAP) ने सांसद राघव चड्ढा को राज्यसभा में डिप्टी लीडर के पद से हटा दिया है। उनकी जगह अब डॉ. अशोक कुमार इस जिम्मेदारी को संभालेंगे। पार्टी ने न केवल पद से हटाया है, बल्कि राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि राघव चड्ढा को सदन में बोलने के लिए समय न दिया जाए। इस घटनाक्रम ने संसदीय नियमों और पार्टी अनुशासन को लेकर एक नई चर्चा छेड़ दी है तो चलिए जानते राज्यसभा में क्या होती है डिप्टी लीडर की भूमिका और कैसी होती है इनके नियुक्ति और हटाने की प्रक्रिया

Rajya Sabha Secretariat राज्यसभा में डिप्टी लीडर की क्या है भूमिका?

दरअसल डिप्टी लीडर का पद किसी भी दल के लिए काफी महत्वपूर्ण होता है। इनका मुख्य काम अपने दल के नेता की अनुपस्थिति में सदन के अंदर पार्टी का नेतृत्व करना और विधायी कार्यों में समन्वय स्थापित करना है। वह यह तय करने में मदद करता है कि किसी विशेष विधेयक पर पार्टी का रुख क्या होगा। साथ ही, डिप्टी लीडर कार्यमंत्रणा समिति और सचिवालय के बीच एक ब्रिज के रूप में कार्य करता है।

क्या हैं सचिवालय के पत्र के मायने?

आम आदमी पार्टी (AAP) द्वारा राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर राघव चड्ढा को पद से हटाने और उन्हें समय न देने का अनुरोध करना एक बड़ा राजनीतिक संकेत है। इसका सीधा अर्थ यह है कि पार्टी अब उन्हें सदन में अपना आधिकारिक प्रतिनिधि नहीं मानती। संसदीय लोकतंत्र में पार्टी अनुशासन सर्वोपरि होता है। लिखित पत्र का मतलब है कि दल अब अपने आवंटित समय का उपयोग राघव चड्ढा के माध्यम से नहीं करना चाहता।

नियुक्ति और हटाने की प्रक्रिया

किसी भी दल के डिप्टी लीडर की नियुक्ति पूरी तरह से उस पार्टी का आंतरिक निर्णय होता है। इसके लिए कोई सार्वजनिक चुनाव नहीं होता, बल्कि पार्टी आलाकमान या संसदीय दल की बैठक में नाम तय किया जाता है। चयन के बाद पार्टी एक आधिकारिक पत्र राज्यसभा सचिवालय को भेजती है, जिसे रिकॉर्ड में दर्ज किया जाता है। अगर पार्टी किसी को पद से हटाना चाहती है तो वो दुबारा सचिवालय को सूचित किया जाता है कि अब उक्त सदस्य इस पद पर नहीं है।

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लेखक के बारे में

I’m Sneha Singh, a journalist and storyteller committed to ethical, ground-level, and impact-oriented reporting. A Gold Medalist in Journalism & Mass Communication, I believe in telling stories with accuracy, sensitivity, and purpose. Currently working with IBC24, I specialize in content writing, news production, and modern storytelling bridging facts with human experiences to inform, engage, and inspire audiences..