ईडी की घर खरीदारों को चेतावनी; रेरा विवरण न देने व नकद भुगतान मांगने वाले बिल्डरों की शिकायत करें

ईडी की घर खरीदारों को चेतावनी; रेरा विवरण न देने व नकद भुगतान मांगने वाले बिल्डरों की शिकायत करें

ईडी की घर खरीदारों को चेतावनी; रेरा विवरण न देने व नकद भुगतान मांगने वाले बिल्डरों की शिकायत करें
Modified Date: August 17, 2026 / 09:12 pm IST
Published Date: August 17, 2026 9:12 pm IST

नयी दिल्ली, 17 अगस्त (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने घर खरीदारों के लिए सोमवार को चेतावनी जारी की कि यदि कोई रियल एस्टेट कंपनी और उसके प्रवर्तक अपने रेरा पंजीकरण की जानकारी साझा करने से इनकार करते हैं, धन वापस नहीं करते हैं या संपत्ति के सौदे के दौरान नकद भुगतान के लिए दबाव डालते हैं, तो वे कानून प्रवर्तन एजेंसियों और अन्य सक्षम एजेंसी से इसकी शिकायत करें।

केंद्रीय जांच एजेंसी ने घर खरीदारों को यह भी सलाह दी है कि वे जिस अचल संपत्ति को खरीदना चाहते हैं, उसके स्वामित्व संबंधी दस्तावेजों की ‘‘पड़ताल’’ करें और प्रॉपर्टी ब्रोकर द्वारा दिए गए ‘‘मौखिक आश्वासनों’’ पर भरोसा न करें।

संघीय एजेंसी ने यह परामर्श और चेतावनी अहमदाबाद स्थित एक रियल एस्टेट कंपनी और उसके प्रवर्तकों के खिलाफ घर खरीदारों से कथित धोखाधड़ी मामले में 129.80 करोड़ रुपये की संपत्ति अस्थायी रूप से कुर्क करने के बाद जारी की।

ईडी ने कहा, ‘‘घर खरीदारों और निवेशकों को भुगतान करने से पहले रेरा ‘भू-संपदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016’ पंजीकरण, वैधानिक स्वीकृतियां, स्वामित्व दस्तावेज, भूमि रिकॉर्ड और देनदारियों के विवरण की पुष्टि करने की सलाह दी जाती है। उन्हें यह जांचना चाहिए कि कहीं संपत्ति गिरवी तो नहीं रखी गई या उसपर कोई विवाद तो नहीं है।’’

एजेंसी ने कहा, ‘‘खरीदारों को केवल मौखिक आश्वासन, बुकिंग फॉर्म, नोटरीकृत कागजात या दलालों के आश्वासनों पर भरोसा नहीं करना चाहिए।’’

इसके अलावा, एजेंसी ने खरीदारों से बिक्री के लिए उचित समझौते या बिक्री विलेख पर जोर देने को कहा।

ईडी ने कहा, ‘‘यदि कोई बिल्डर दस्तावेज साझा करने से इनकार करता है, नकद भुगतान पर जोर देता है, पंजीकृत दस्तावेजों में देरी करता है, धन वापस नहीं करता है या तीसरे पक्ष को परियोजना भूमि स्थानांतरित करने की कोशिश करता है, तो मामले की सूचना कानून प्रवर्तन अधिकारियों, रेरा और अन्य सक्षम अधिकारियों को दी जानी चाहिए।’’

अहमदाबाद के बिल्डर केशव नारायण ग्रुप और उससे जुड़े रोनक रावजीभाई सोनाणी, विपुलभाई गोर्धनभाई गंगाणी व अन्य के खिलाफ 14 अगस्त को धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत कुर्की का यह आदेश जारी किया गया था।

भाषा खारी सुरेश

सुरेश


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