गुजरात में आठ व्यक्ति गिरफ्तार, 288 करोड़ रुपये की साइबर धोखाधड़ी से जुड़े नेटवर्क का पता चला
गुजरात में आठ व्यक्ति गिरफ्तार, 288 करोड़ रुपये की साइबर धोखाधड़ी से जुड़े नेटवर्क का पता चला
अहमदाबाद, 22 अप्रैल (भाषा) गुजरात के विभिन्न हिस्सों से आठ लोगों को 288 करोड़ रुपये से अधिक के लेनदेन से जुड़े साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क में संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। राज्य के सीआईडी अपराध विभाग ने बुधवार को यह जानकारी दी।
सीआईडी अपराध के ‘साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ ने एक बयान में कहा कि संगठित साइबर अपराध नेटवर्क पर नकेल कसने के लिए शुरू किए गए विशेष अभियान ‘ऑपरेशन म्यूल हंट 2.0’ के तहत सूरत, राजकोट, भावनगर और उन्झा सहित विभिन्न शहरों में कई स्थानों से कई दिनों में आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
एक ‘म्यूल अकाउंट’ वह बैंक खाता होता है जिसका इस्तेमाल अपराधी अवैध धन प्राप्त करने, हस्तांतरित करने या उसे वैध बनाने के लिए करते हैं, चाहे खातेधारक को इसकी जानकारी हो या न हो।
बयान के अनुसार, आरोपी विभिन्न साइबर धोखाधड़ी के माध्यम से प्राप्त धन के हस्तांतरण को सुविधाजनक बनाने के लिए अलग-अलग व्यक्तियों और फर्म के नाम पर ‘म्यूल बैंक अकाउंट’ खोलने और संचालित करने में शामिल थे।
सीआईडी अपराध ने बताया कि इन अवैध निधियों को बाद में नकदी में परिवर्तित किया गया और उनके स्रोत को छिपाने के लिए हवाला (अवैध धन हस्तांतरण प्रणाली) और ‘आंगड़िया’ के माध्यम से भेजा गया।
‘साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ ने कहा कि व्यापक अभियान के परिणामस्वरूप 288 करोड़ रुपये से अधिक के लेन-देन करने वाले साइबर अपराध नेटवर्क का पता चला।
सूरत, भावनगर, राजकोट और उन्झा में तलाशी अभियान चलाकर दलों ने देश भर में दर्ज कई साइबर धोखाधड़ी मामलों में कथित तौर पर शामिल आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने आरोपियों की पहचान मुकेश मेर, फरीदखान नासिरखान पठान, अक्षय पटेल, देवेंद्र पटेल, चेतन नारनभाई अमलानी, जतिन कक्कड़, कपिलभाई कोटक और महेंद्र कोकिया के रूप में की है।
विभाग ने बताया कि जांच में पता चला है कि आरोपियों ने कमीशन के बदले जानबूझकर अपने बैंक खातों का इस्तेमाल अवैध वित्तीय लेनदेन के लिए होने दिया।
भाषा अमित माधव
माधव

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