भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में अभी अल-नीनो की स्थितियां बनी हुई हैं : मौसम विभाग

भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में अभी अल-नीनो की स्थितियां बनी हुई हैं : मौसम विभाग

भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में अभी अल-नीनो की स्थितियां बनी हुई हैं : मौसम विभाग
Modified Date: June 12, 2026 / 04:09 pm IST
Published Date: June 12, 2026 4:09 pm IST

नयी दिल्ली, 12 जून (भाषा) भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में फिलहाल अल नीनो की स्थितियां बनी हुई हैं तथा दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान इनके और मजबूत होने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

विभाग ने कहा कि समुद्र की सतह के तापमान में वृद्धि पर वायुमंडल ने प्रतिक्रिया दी है और महासागर-वायुमंडल की संयुक्त प्रणाली अब अल नीनो स्थितियों के अनुरूप विशेषताएं दिखा रही है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने कहा, ‘‘ ‘मानसून मिशन कपल्ड फोरकास्ट सिस्टम’ (एमएमसीएफएस) के पूर्वानुमानों से संकेत मिलता है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान अल नीनो की स्थितियां और मजबूत होंगी।’’

इससे पहले अल नीनो की स्थितियां 2023 में विकसित हुई थीं। ये स्थितियां 2000 के बाद 2002, 2009 और 2015 में भी बनी थीं।

अल नीनो भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में समुद्र की सतह के असामान्य रूप से गर्म होने की स्थिति है, जिसका असर दुनिया के मौसम और भारत के मानसून पर पड़ सकता है।

भाषा सिम्मी दिलीप

दिलीप


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