निर्वाचन आयोग ने बंगाल में एसआईआर की पहली पूरक सूची से आठ लाख नाम हटा दिए: ममता का दावा

निर्वाचन आयोग ने बंगाल में एसआईआर की पहली पूरक सूची से आठ लाख नाम हटा दिए: ममता का दावा

निर्वाचन आयोग ने बंगाल में एसआईआर की पहली पूरक सूची से आठ लाख नाम हटा दिए: ममता का दावा
Modified Date: March 25, 2026 / 05:00 pm IST
Published Date: March 25, 2026 5:00 pm IST

नक्सलबाड़ी, 25 मार्च (भाषा) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को दावा किया कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कवायद के तहत जिन 27 लाख मतदाताओं की मतदान पात्रता का निर्धारण किया गया, उनमें से पहली पूरक सूची से आठ लाख नाम हटा दिए गए हैं।

बनर्जी ने दार्जिलिंग जिले के सिलीगुड़ी उपमंडल के नक्सलबाड़ी में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर ‘गलत तरीके से बनाई गई एसआईआर’ नीति को लागू करके लोगों को ‘तकलीफ पहुंचाने’ का आरोप लगाया।

मुख्यमंत्री बनर्जी ने मांग की कि ऑनलाइन प्रकाशित पूरक सूची की भौतिक प्रतियां तत्काल उपलब्ध कराई जाएं, ताकि जानकारी का सत्यापन किया जा सके।

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे बताया गया है कि विचाराधीन 27 लाख मतदाताओं में से आठ लाख नाम पहली पूरक सूची से हटा दिए गए हैं। लेकिन वह सूची कहां है? उस सूची की भौतिक प्रति अभी तक सरकारी कार्यालयों में क्यों नहीं लगाई गई हैं?’’

उन्होंने कहा, ‘सूची प्रकाशित होने के बाद ही मैं जानकारी की पुष्टि कर सकती हूं।’

न्यायिक पड़ताल के दायरे में आए लगभग 60 लाख मतदाताओं के नामों की पहली पूरक सूची सोमवार देर रात निर्वाचन आयोग द्वारा प्रकाशित की गई, लेकिन निर्वाचन आयोग ने अभी तक उस सूची में सत्यापित मतदाताओं की कुल संख्या या हटाए गए मतदाताओं की संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

बनर्जी ने आरोप लगाया कि जब बुजुर्ग नागरिकों को एसआईआर की कतारों में खड़ा किया जाता है और उनकी नागरिकता पर सवाल उठाए जाते हैं, तो ‘भाजपा उन्हीं लोगों से वोट मांगने की हिम्मत कैसे कर सकती है?’

उन्होंने घोषणा की, ‘जब तक मैं जीवित हूं, बंगाल में राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) का काम नहीं होगा और न ही कोई निरुद्ध शिविर बनने दिया जाएगा।’

भाषा अमित सुरेश

सुरेश


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