All-Party Meeting Update: मिडिल ईस्ट तनाव को लेकर बुलाई गई सर्वदलीय बैठक खत्म, सरकार ने विपक्ष के इन सवालों का दिया जवाब, संसदीय कार्य मंत्री रिजिजू ने कही ये बड़ी बात
मिडिल ईस्ट तनाव को लेकर बुलाई गई सर्वदलीय बैठक खत्म, सरकार ने विपक्ष के इन सवालों का दिया जवाब,All-party meeting on Middle East tensions ends
नई दिल्लीः All-Party Meeting Update: देश की राजधानी दिल्ली में मिडिल ईस्ट की मौजूदा स्थिति को लेकर बुलाई गई सर्वदलीय बैठक समाप्त हो गई। बैठक के बाद किरण रिजिजू ने जानकारी देते हुए कहा कि इस मुद्दे पर विपक्ष ने सरकार का समर्थन किया है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि बैठक के दौरान विपक्षी दलों ने स्पष्ट किया कि वे इस संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय मामले में सरकार के साथ खड़े हैं। उन्होंने बताया कि सरकार ने भी सभी सवालों का जवाब दिया और स्थिति को लेकर विस्तृत जानकारी साझा की।
बैठक की शुरुआत राजनाथ सिंह के बयान से हुई। इसके बाद विदेश सचिव ने प्रेजेंटेशन दिया, जिसमें मुख्य तौर पर ये बताया गया है कि हमें भारत के हित का ख्याल सबसे पहले रखना है। सूत्रों का कहना है कि सरकार द्वारा बताया गया कि पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की कोई कमी नहीं है। सरकार ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर बताया कि अभी तक हमारे 4 शिप वहां से निकल चुके हैं। कुछ और जल्दी निकलेंगे। ये हमारे लिए बड़ी बात है। कई देशों के शिप अभी फंसे हुए हैं। सरकार की तरफ से बताया गया कि यूएस प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के साथ पीएम मोदी की बात हुई है, जिसमें पीएम ने कहा है कि हमको वॉर नहीं चाहिए।
विपक्ष के सवाल और सरकार के जवाब
- All-Party Meeting Update: असदुद्दीन ओवैसी ने बैठक में पूछा, ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की हत्या पर शोक संदेश में देरी क्यों हुई? ओवैसी ने यह भी पूछा कि क्या 8 ईरानी जहाज को हमने भारत में जगह नहीं दी? इस पर विदेश सचिव सेक्रेट्री ने बताया कि दिल्ली में ईरान की एंबेसी ने खुद ही चार दिन बाद अपना दरवाजा खोला, तब जाकर वहां शोक संदेश प्रकट किया गया।
- बैठक में शामिल विपक्ष से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, जब पूछा गया कि अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर हमला क्यों किया? तो विदेश सचिव ने कहा कि ईरान ने परमाणु परीक्षण न करने का आश्वासन दिया था लेकिन वह उस दिशा में आगे बढ़ रहा था, इसीलिए अमेरिका और इज़राइल ने हमला किया।
- जब ईरान के साथ पाकिस्तान की मध्यस्थता का मुद्दा उठा तो सरकार ने कहा कि यह 1981 से चल रहा है। एक तरह से अमेरिका वर्षों से पाकिस्तान का इस्तेमाल ईरान के साथ बातचीत में उसे शामिल रखने के लिए कर रहा है।
- विपक्ष ने सवाल उठाया कि कोविड के संबंध में सदन में प्रधानमंत्री के बयान से देश डर का माहौल बन रहा है। जवाब में सरकार ने कहा कि यह सही नहीं है, अगर कहीं ऐसी स्थिति है तो इसकी जांच करेंगे।
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