Election Commission on SIR: SIR को लेकर उठे सवालों पर चुनाव आयोग ने दी सफाई, जानें दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों पर क्या कहा?

Ads

Election Commission on SIR: SIR को लेकर उठे सवालों पर चुनाव आयोग ने दी सफाई, जानें दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों पर क्या कहा?

  •  
  • Publish Date - September 23, 2026 / 02:57 PM IST,
    Updated On - September 23, 2026 / 03:06 PM IST

Election Commission on SIR | Photo Credit: IBC24

HIGHLIGHTS
  • SIR विवाद पर चुनाव आयोग का प्रेस नोट
  • 2 चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों पर EC ने दी सफाई
  • विचार-विमर्श में अलग-अलग राय होना सामान्य: ECI

नयी दिल्ली: Election Commission on SIR: SIR विवाद पर चुनाव आयोग (Election Commission) ने बुधवार को प्रेस नोट जारी किया है। जिसमें आयोग ने दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों पर सफाई दी है और कहा कि असहमतियां प्रक्रिया का हिस्सा हैं लेकिन सारे फैसले सहमति से लिए गए हैं। आयोग का कहना है कि चुनाव आयोग के भीतर किसी भी मुद्दे पर अलग-अलग राय सामने आना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है।

विचार-विमर्श में अलग-अलग राय होना सामान्य

Election Commission on SIR चुनाव आयोग (Election Commission) ने कहा कि किसी भी संस्था में विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग राय आना सामान्य बात है। आयोग के मुताबिक, निर्णय लिए जाने से पहले अधिकारी और सदस्य अपने सवाल, सुझाव या आपत्तियां दर्ज कर सकते हैं। आयोग ने यह भी कहा कि अंतिम फैसले आयोग के स्तर पर लिए जाते हैं और SIR समेत सभी फैसलों को तीनों चुनाव आयुक्तों की मंजूरी मिली है।

दरअसल, एक मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया था कि एसआईआर के दौरान 10 महीने में 14 बार दोनों निर्वाचन आयुक्तों ने निर्वाचन आयोग के कदमों पर आपत्ति जताई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, ये आपत्तियां मतदाता पंजीकरण, नाम हटाने, Form 6 में बदलाव और वोटर डेटा से जुड़े मामलों को लेकर थीं।

इसके बाद चुनाव आयोग ने कहा कि व्यक्तिगत राय को आयोग का अंतिम निर्णय नहीं माना जा सकता। आयोग के मुताबिक पिछले एक साल में कई फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं और चुनावी सुधारों से जुड़े कदम भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा रहे हैं।आयोग ने SIR समेत मतदाता सूची के संशोधन की प्रक्रिया को लेकर भी जानकारी दी है। SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना है, ताकि पात्र मतदाता सूची में बने रहें और अपात्र नामों को हटाया जा सके।

इन्हें भी पढ़ें:-

SIR विवाद क्या है?

यह विवाद मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया और उससे जुड़े फैसलों पर आयुक्तों की आपत्तियों से जुड़ा है।

कितनी बार आपत्तियां दर्ज हुईं?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 10 महीने में 14 बार।

SIR का उद्देश्य क्या है?

पात्र मतदाताओं को सूची में बनाए रखना और अपात्र नाम हटाना।