झारखंड में मतदाता सूचियों का एसआईआर करेगा निर्वाचन आयोग

झारखंड में मतदाता सूचियों का एसआईआर करेगा निर्वाचन आयोग

झारखंड में मतदाता सूचियों का एसआईआर करेगा निर्वाचन आयोग
Modified Date: May 14, 2026 / 10:22 pm IST
Published Date: May 14, 2026 10:22 pm IST

रांची, 14 मई (भाषा) झारखंड में निर्वाचन आयोग 30 जून से घर-घर जाकर लगभग 2.64 करोड़ मतदाताओं का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) करेगा। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि एसआईआर निर्वाचन आयोग के राष्ट्रव्यापी अभियान के तीसरे चरण का हिस्सा है, जिसमें 16 राज्य और तीन केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं।

यह प्रक्रिया औपचारिक रूप से 30 जून को बूथ-स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा घर-घर जाकर शुरू होगी और अंतिम मतदाता सूची सात अक्टूबर को प्रकाशित की जाएगी।

झारखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के. रवि कुमार ने कहा कि उन्होंने कवायद के लिए पहले से ही तैयारियां शुरू कर दी हैं।

उन्होंने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, “सभी मतदान केंद्रों पर 23 मई को उन मतदाताओं की सूची प्रकाशित की जाएगी जिनका मिलान आधार वर्ष 2003 की मतदाता सूची में उनके पते से नहीं हुआ है। इस सूची में उनके संबंधित बूथ-स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) के नाम और नंबर भी मुद्रित होंगे ताकि मतदाता अपने पुराने पते का मिलान कराने के लिए उनसे संपर्क कर सकें।”

उन्होंने कहा कि झारखंड में 2,64,89,777 मतदाताओं के विवरण का सत्यापन बीएलओ द्वारा किया जाएगा, जो प्रत्येक मतदाता के निवास पर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे।

कुमार ने कहा, “यह सुनिश्चित करने के उद्देश्य से काम किया जा रहा है कि एक भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से न छूटे।”

एक अन्य अधिकारी ने बताया कि राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बूथ स्तरीय एजेंट (बीएलए) पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित करने के लिए इस प्रक्रिया में सहयोग करेंगे।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में एसआईआर कवायद में लगे बीएलओ की संख्या 29,571 है, जबकि विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बीएलए की अद्यतन संख्या 21,644 है।

बीएलओ के लिए प्रशिक्षण और तैयारी का काम 20 से 29 जून तक आयोजित किया जाएगा, जिसके बाद 30 जून से 29 जुलाई तक घर-घर जाकर सत्यापन किया जाएगा।

मतदाता सूची का मसौदा पांच अगस्त को प्रकाशित किया जाएगा, जबकि दावे और आपत्तियां पांच अगस्त से चार सितंबर के बीच दर्ज की जा सकती हैं।

भाषा तान्या माधव प्रशांत

प्रशांत


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