चुनाव तिथियों के निर्धारण में निर्वाचन आयोग का रवैया पक्षपातपूर्ण : वेणुगोपाल

चुनाव तिथियों के निर्धारण में निर्वाचन आयोग का रवैया पक्षपातपूर्ण : वेणुगोपाल

चुनाव तिथियों के निर्धारण में निर्वाचन आयोग का रवैया पक्षपातपूर्ण : वेणुगोपाल
Modified Date: March 16, 2026 / 03:24 pm IST
Published Date: March 16, 2026 3:24 pm IST

नयी दिल्ली/तिरुवनंतपुरम, 16 मार्च (भाषा) कांग्रेस के संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल ने सोमवार को निर्वाचन आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाया और कहा कि विधानसभा चुनाव का कार्यक्रम ऐसे बनाया गया है कि कांग्रेस पार्टी का प्रचार अभियान तथा पार्टी नेताओं की एक राज्य से दूसरे राज्य में आवाजाही सीमित रहे।

उन्होंने दिल्ली में संवाददाताओं से कहा कि उन प्रदेशों में नौ अप्रैल को पहले चरण में मतदान होने जा रहा है, जहां कांग्रेस प्रमुख राजनीतिक ताकत है।

निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, असम, केरल और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को पहले चरण में मतदान होगा।

वेणुगोपाल ने कहा कि नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख के बाद उम्मीदवारों को पूरी तरह से प्रचार करने के लिए मुश्किल से 10 दिन मिलेंगे।

उन्होंने बताया कि केरलवासियों के लिये ‘पवित्र सप्ताह’ (ईसाई धर्म में ईस्टर से पहले का सप्ताह) का बहुत महत्व है और गुड फ्राइडे जैसे अवसर पर ईसाई बहुल इलाकों में चुनाव अभियान संभव नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘आप देख सकते हैं कि पहले चरण में उन जगहों पर विधानसभा चुनाव हो रहे हैं, जहां कांग्रेस पार्टी लड़ाई में है।’’

वेणुगोपाल ने आरोप लगाया, ‘इसलिए, निर्वाचन आयोग का दृष्टिकोण बहुत स्पष्ट है। इस चुनाव की तारीख की घोषणा उम्मीदवारों के प्रचार अभियान को छोटा करने और प्रचार का नेतृत्व करने वाले कांग्रेस नेताओं की आवाजाही को सीमित करने के उद्देश्य से की गई है।’’

उन्होंने कहा कि हरियाणा और महाराष्ट्र में विधानसभा चुनावों के दौरान भी यही देखने को मिला था।

भाषा हक हक दिलीप

दिलीप


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