Kishtwar Terror Encounter: गणतंत्र दिवस से पहले जम्मू में आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़, इतने जवान घायल, इस संगठन के दहशतगर्दों के छिपे होने की आशंका

गणतंत्र दिवस से पहले जम्मू में आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़, Encounter breaks out between terrorists and security forces in Jammu

Kishtwar Terror Encounter: गणतंत्र दिवस से पहले जम्मू में आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़, इतने जवान घायल, इस संगठन के दहशतगर्दों के छिपे होने की आशंका
Modified Date: January 18, 2026 / 09:42 pm IST
Published Date: January 18, 2026 9:42 pm IST

Kishtwar Terror Encounter: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में रविवार को सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच एक बड़ी मुठभेड़ हो गई. चत्रु के सिंहपोरा जंगलों में जैश-ए-मोहम्मद के दो से तीन आतंकी छिपे होने के आशंका के बीच यह मुठभेड़ चलाया जा रहा था। इस एनकाउंटर में सेना के 7 जवान घायल हुए हैं। अधिकारियों के मुताबिक 3 जवानों को एयरलिफ्ट करके इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

सेना की जम्मू स्थित व्हाइट नाइट कॉर्प्स ने इस अभियान को “ऑपरेशन ट्राशी-I” का नाम दिया है. दोपहर के करीब शुरू हुए इस ऑपरेशन के दौरान जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ मिलकर तलाशी अभियान चलाया गया था. इसी दौरान आतंकियों से सीधे मुकाबला हो गया. आतंकियों ने सुरक्षा बलों पर अंधाधुंध गोलियां चलाईं और इलाके से बाहर निकलने के लिए ग्रेनेड फेंके. सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इलाके को चारों ओर से घेर लिया. मुठभेड़ के दौरान गोलीबारी कुछ समय तक लगातार चलती रही. इस बीच अतिरिक्त जवानों को भी मौके पर बुलाया गया ताकि आतंकियों को पूरी तरह से घेरा जा सके. इस एनकाउंटर में सेना के 7 जवान घायल हुए हैं। अधिकारियों के मुताबिक 3 जवानों को एयरलिफ्ट करके इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

लाउडस्पीकर से अनाउंस कर लोगों को घरों में ही रहने की दी हिदायत

Kishtwar Terror Encounter: सुरक्षा कारणों से सिंहपोरा इलाके में बाजार तक लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को घरों में रहने की हिदायत दी गई है। क्षेत्र में जगह-जगह वाहनों और आम नागरिकों की सघन तलाशी ली जा रही है। तलाशी के बाद ही किसी वाहन को आगे बढ़ने की अनुमति दी जा रही है।

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आतंकी गतिविधियां बढ़ी

गौरतलब है कि यह इलाका बीते दो-तीन वर्षों से लगातार आतंकी गतिविधियों की वजह से सुर्खियों में रहा है। यहां अक्सर आतंकियों की मौजूदगी की सूचनाएं मिलती रहती हैं। गणतंत्र दिवस से पहले शांतिपूर्ण समारोह सुनिश्चित करने के लिए अभियान और तेज कर दिए गए हैं। खुफिया जानकारी मिली है कि पाकिस्तान स्थित हैंडलर और अधिक आतंकवादियों को भेजने की कोशिश कर रहे हैं।

इस साल तीसरी मुठभेड़

जम्मू संभाग में इस साल सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच यह तीसरी मुठभेड़ है। इससे पहले 7 और 13 जनवरी को कठुआ जिले के बिलावर क्षेत्र के कहोग और नजोते के जंगलों में दो मुठभेड़ें हुई थीं। इससे पहले 15 दिसंबर को उधमपुर जिले के माजलता क्षेत्र में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में एक पुलिस अधिकारी बलिदान हो गए थे। घने जंगल और अंधेरे का फायदा उठाकर आतंकवादी भाग निकले थे। अधिकारियों ने बताया कि ये मुठभेड़ें पिछले साल दिसंबर में जम्मू क्षेत्र के वन क्षेत्रों में चलाए गए एक बड़े आतंकवाद विरोधी अभियान के बाद हुईं जिसमें लगभग तीन दर्जन छिपे हुए आतंकवादियों को खदेड़ दिया गया था।

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