1,700 एकड़ से अधिक आरक्षित वन भूमि से अतिक्रमण हटाया गया: हिमंत

1,700 एकड़ से अधिक आरक्षित वन भूमि से अतिक्रमण हटाया गया: हिमंत

1,700 एकड़ से अधिक आरक्षित वन भूमि से अतिक्रमण हटाया गया: हिमंत
Modified Date: January 4, 2026 / 03:02 pm IST
Published Date: January 4, 2026 3:02 pm IST

गुवाहाटी, चार जनवरी (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा है कि असम के होजई जिले में 1,700 एकड़ से अधिक आरक्षित वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त करा लिया गया है।

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि किसी भी तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

शर्मा ने शनिवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में 1,732.5 एकड़ क्षेत्र में चलाए गए बेदखली अभियान का जिक्र करते हुए कहा, ‘जमुना-मउडांगा आरक्षित वन (आरएफ) में अवैध अतिक्रमण का खेल खत्म (गेम ओवर)। शांतिपूर्ण, कानूनी और निर्णायक कार्रवाई के माध्यम से 5,250 बीघा भूमि को पुनः प्राप्त करने के साथ मिशन पूरा हुआ।’

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शर्मा ने कहा, ‘किसी ‘चीट कोड’ की आवश्यकता नहीं है। इसे चेतावनी समझें: अवैध अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।’

वर्ष 2021 में शर्मा के नेतृत्व वाली सरकार के सत्ता में आने के बाद से, कथित अतिक्रमणकारियों से जमीन खाली कराने के लिए कई बेदखली अभियान चलाए गए हैं जिससे मुख्य रूप से बांग्ला भाषी मुस्लिम आबादी प्रभावित हुई है।

शर्मा ने नए साल के अवसर पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा था कि अब तक 1,45,000 बीघा (47,850 एकड़) भूमि को मुक्त कराने के लिए बेदखली अभियान चलाए गए हैं।

पिछले साल तीन नवंबर को मुख्यमंत्री ने दावा किया था कि अतिक्रमण हटाने के लिए बेदखली अभियान जारी रहेगा और उनकी सरकार के तहत ‘अवैध मियां’ शांति से नहीं रह सकते।

‘मिया’ मूल रूप से असम में बांग्ला भाषी मुसलमानों के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक अपमानजनक शब्द है, और गैर-बांग्ला भाषी लोग आम तौर पर उन्हें बांग्लादेशी अप्रवासी मानते हैं।

भाषा नोमान रंजन

रंजन


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